सिरोही (24 जुलाई):
जालोर-सिरोही संसदीय क्षेत्र के सांसद लुंबाराम चौधरी ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (UDAN) के तहत सिरोही जिले की आबूरोड़-मानपुर हवाई पट्टी से दिल्ली/गाजियाबाद, मुंबई और अहमदाबाद जैसे शहरों के लिए वायुसेवा आरंभ करने की पुरज़ोर मांग की है। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय विमानन मंत्री किंजराजू राम मोहन नायडू से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा।
मजबूत तर्क और संभावनाएँ
सांसद चौधरी द्वारा दिए गए मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- पर्यटन और धर्म:
- माउंट आबू एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल है, जहां विदेशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।
- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी सामाजिक संगठन का मुख्यालय यहीं है, जिसका वैश्विक प्रभाव 140 देशों तक फैला है; इनके अनुयायी सालभर में कम-से-कम एक बार जरूर माउंट आबू पहुंचते हैं।
- शक्ति पीठ अंबा जी माता मंदिर, आबू रोड से मात्र 20किमी दूरी पर है, जहां हर साल 5-6 लाख श्रद्धालु देशभर से आते हैं।
- अतिशय प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल—देलवाड़ा, जीरावला, पावापुरी इत्यादि भी नज़दीक हैं।

- औद्योगिक और व्यापारिक दृष्टि से:
- अल्ट्राटेक, जे.के. सीमेंट सहित 15 बड़े, 12 मध्यम और 2,982 लघु उद्योग सिरोही में कार्यरत हैं।
- स्वरूपगंज रेलवे फ्रेट कॉरिडोर और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का हिस्सा—आर्थिक दृष्टि से रणनीतिक स्थिति।
- जालोर में 3,000+ ग्रेनाइट यूनिट्स कार्यरत, जिससे व्यापारिक आवागमन की निरंतरता।
- जिले के कम्पनियों का टर्नओवर अरबों रुपए में है।
- सामाजिक-आर्थिक पक्ष:
- सिरोही ‘आकांक्षी जिला’ है, जिसके विकास में वायुसेवा के आरंभ से उल्लेखनीय तेजी आ सकती है।
- हजारों की संख्या में प्रवासी राजस्थानी व्यापार, रोजगार और धार्मिक कारणों से दक्षिण भारत व मुंबई-अहमदाबाद जाते हैं, वायुसेवा से इन्हें अपनी जन्मभूमि तेजी से पहुँचने की सुविधा मिलेगी।
- सिरोही, शिवगंज, और रेवदर पंचायत समितियों में आठ हज़ार से अधिक लघु-मध्यम उद्योग प्रस्तावित/संचालित हैं।
रणनीतिक पक्ष
- ब्रह्माकुमारी समाज की सौगात:
नियमित उड़ान शुरू होने पर ब्रह्माकुमारी समाज अग्रिम भुगतान द्वारा 50% सीटें पहले ही बुक करने को तैयार है; इससे यात्री भार की निरंतरता सुनिश्चित होगी। - यात्री संख्या की अपार संभावना:
आबूरोड़ से अहमदाबाद, मुंबई, जोधपुर और उदयपुर की यदि डेली फ्लाइट्स उपलब्ध हों, तो बड़ी तादाद में यात्री और व्यापारिक ट्रैफिक मिल सकता है। - आसान कनेक्टिविटी:
अभी यात्री व श्रद्धालु पहले उदयपुर या अहमदाबाद हवाईअड्डे तक सफर कर, फिर सड़क मार्ग से माउंट आबू या अम्बाजी आदि पहुंचते हैं—नवीन हवाई सेवा से सीधा, त्वरित और सुरक्षित आवागमन संभव होगा।
अपेक्षाएँ और संभावित प्रभाव
- क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी, कारोबारी व पर्यटन गतिविधियाँ बढ़ेंगी।
- धार्मिक-सांस्कृतिक यात्राएं सरल होंगी।
- औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
- पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार सभी क्षेत्रों को लाभ मिलेगा और सिरोही जिले को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा।
सर्कल न्यूज़ का कहना
सांसद लुंबाराम चौधरी की पहल से आबूरोड़-मानपुर हवाई पट्टी से दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद समेत बड़े शहरों के लिए वायु सेवा शुरू होने की संभावनाएँ और मजबूत हुई हैं। केंद्र सरकार द्वारा इस प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय अपेक्षित है, जिससे सिरोही व आसपास के क्षेत्र का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित हो सकेगा।



