जयपुर / जालोर
राजस्थान की राजनीति के केंद्र जयपुर में मुख्यमंत्री आवास पर हुई एक अहम बैठक ने जालोर भाजपा संगठन के भीतर खलबली मचा दी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े देवासी समाज के राष्ट्रीय नेता खेमराज देसाई एवं प्रदेश के वरिष्ठ नेता भारताराम देवासी के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से जयपुर स्थित सीएम आवास पर शिष्टाचार व संगठनात्मक मुलाकात की।
ऊपर से सामान्य दिख रही इस मुलाकात के भीतर जालोर जिले की स्थानीय राजनीति से जुड़ा एक बड़ा सियासी तूफान आकार ले रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल ने जिले की वास्तविक राजनीतिक वस्तुस्थिति को सीधे मुख्यमंत्री के पटल पर रखा है।
टिकट वितरण में 'धांधली और लेनदेन' के सनसनीखेज आरोप
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जालोर जिले के हालिया जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में टिकट वितरण को लेकर स्थानीय संगठन पर गंभीर सवाल खड़े किए। नेताओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि किस तरह जमीनी कार्यकर्ताओं, निष्ठावान चेहरों और पारंपरिक जनाधार की अनदेखी कर टिकट वितरण में कथित तौर पर भारी धांधली, वित्तीय लेनदेन और भ्रष्टाचार को तरजीह दी गई।
प्रतिनिधिमंडल ने केवल मौखिक शिकायत नहीं की, बल्कि तथ्यों और आंकड़ों से लैस एक विस्तृत ब्योरा मुख्यमंत्री को सौंपा। इसमें उन सीटों और समीकरणों का सिलसिलेवार उल्लेख किया गया है, जहां कथित मनमानी के चलते पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक और कार्यकर्ताओं के मनोबल पर विपरीत असर पड़ा है।
मुख्यमंत्री ने धीर-गंभीरता से सुनी पूरी रिपोर्ट, दिए बदलाव के संकेत
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देवासी समाज के प्रतिनिधियों की बातों को बेहद धीर-गंभीरता से सुना और दस्तावेजों का संज्ञान लिया। राजनीतिक गलियारों में इस बात की तेज चर्चा है कि मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगामी चुनावों के बाद संगठन स्तर पर कुछ बड़ा और कड़ा कदम उठाने के संकेत दिए हैं। सीएम ने स्पष्ट किया कि संगठन में निष्ठा और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने देवासी समाज की भावनाओं का पूरा सम्मान करने और संगठन व सरकार, दोनों में समाज को उचित मान-सम्मान व प्रतिनिधित्व देने का स्पष्ट विश्वास दिलाया।
संगठन और राष्ट्रहित सर्वोपरि: प्रतिनिधिमंडल ने जताया संतोष
मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख और ठोस आश्वासन पर देवासी समाज के प्रतिनिधियों ने संतोष व्यक्त किया। नेताओं ने दो टूक कहा कि उनके लिए व्यक्ति विशेष नहीं, बल्कि संगठन और राष्ट्रहित सर्वोपरि है। जमीनी हकीकत से नेतृत्व को अवगत कराना उनका दायित्व था, ताकि भविष्य में संगठन को नुकसान से बचाया जा सके।
जालोर की राजनीति में मचेगा हड़कंप
इस अहम मुलाकात के बाद जालोर भाजपा के अंदरूनी हलकों में भारी बेचैनी देखी जा रही है। टिकट वितरण से जुड़े स्थानीय रणनीतिकारों और पदाधिकारियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। यदि मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर से इस रिपोर्ट पर जांच या कार्रवाई आगे बढ़ती है, तो चुनावों के ठीक बाद जालोर संगठन में व्यापक फेरबदल और कुछ बड़े चेहरों की छुट्टी तय मानी जा रही है।









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