सांचौर (जालौर)। देशभर की मतदाता सूचियों से करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम गायब किए जाने के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस कथित चुनावी धांधली के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को सीपीआई कार्यकर्ताओं ने सांचौर में जोरदार विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) के मार्फत राष्ट्रपति के नाम एक कड़ा ज्ञापन सौंपा, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल पद से हटाने की मांग की गई है।
खबर संक्षेप मे
- बड़ा आरोप: देश भर में लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से दुर्भावनापूर्ण तरीके से हटाए गए।
- फर्जीवाड़े का दावा: SIR प्रक्रिया के तहत मृत दिखाए गए व्यक्तियों के नाम पर 'फॉर्म नंबर 7' भरकर बड़े पैमाने पर वोट कटवाए गए।
- दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन: 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली 'इंडिया' (INDIA) महागठबंधन की महारैली में जालौर से भी 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा।
- किसानों की जीत: संयुक्त किसान मोर्चा के दबाव में क्षेत्र को अकाल घोषित किया गया; इनपुट सब्सिडी, बीमा क्लेम और चारा डिपो शुरू करने की मांग दोहराई।
'मरे हुए व्यक्ति के नाम से कटवाए वोट' — बैठक में फूटा आक्रोश
ज्ञापन सौंपने से पूर्व एडीएम कार्यालय के समक्ष आयोजित विरोध सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के जिला सचिव कामरेड ईशराराम बिश्नोई ने कहा कि पूरे देश में राष्ट्रीय स्तर पर वोट चोरी और दमन का खेल चल रहा है।
सभा को संबोधित करते हुए कामरेड मकाराम चौधरी ने गंभीर आरोप लगाते हुए खुलासा किया कि निर्वाचन प्रणाली (SIR) के तहत जो व्यक्ति कागजों में मृत दिखाए गए, उन्हीं के नाम से 'फॉर्म-7' भरवाकर हजारों जीवित नागरिकों के नाम मतदाता सूची से बाहर करवा दिए गए। उन्होंने ऐलान किया कि इस तानाशाही के खिलाफ आगामी 1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित इंडिया महागठबंधन की राष्ट्रीय महारैली में जालौर से 10 प्रमुख कॉमरेड भाग लेंगे।
कामरेड विरदसिंह चौहान ने मंच से ज्ञापन का वाचन किया। साथ ही उन्होंने संयुक्त किसान मोर्चा की जमीनी लड़ाई का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों के लगातार संघर्ष की बदौलत ही क्षेत्र को अकाल घोषित किया जा सका है। अब सरकार तुरंत आदान अनुदान (Input Subsidy), फसल बीमा क्लेम, अकाल राहत कार्य और मवेशियों के लिए चारा डिपो चालू करे।
लाल झंडों के साथ सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता
सभा के बाद कार्यकर्ताओं ने हाथों में लाल झंडे और तख्तियां लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और जुलूस के रूप में एडीएम कार्यालय पहुंचे।
इस विरोध प्रदर्शन में लादूराम साऊ डावल, भाकराराम, आसुराम, पीराराम, भगवानाराम, किशनलाल, धीमाराम, जगदीश बावरला, नारणाराम, किशनलाल गोदारा, जय किशन, सुखराम, देवीलाल, मोहनलाल, पूनमाराम, हापू राम, जीवाराम, औखाराम गर्ग, जगदीश कुमार, नेनाराम मेघवाल, भंवरलाल, सोनाराम, पूनमा राम बिश्नोई, बुद्धाराम और पूनमाराम देवासी समेत दर्जनों पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।









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