सर्किल न्यूज नेटवर्क
मायलावास (बालोतरा)। संस्कारधानी मायलावास स्थित विख्यात शिक्षण एवं संस्कार पीठ ब्रह्मर्षि खेतेश्वर गुरुकुल में रविवार, 1 नवंबर 2026 को दीपावली स्नेह मिलन समारोह का विराट आयोजन होने जा रहा है। दीपों के पावन पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाला यह गरिमामयी समारोह पूज्य वेदांताचार्य डॉ. ध्यानारामजी महाराज के पावन सान्निध्य एवं आशीर्वाद में पूरी भव्यता के साथ संपन्न होगा। इस महाकुंभ में गुरुकुल परिवार के सैकड़ों विद्यार्थी, उनके अभिभावक, शिक्षकगण और प्रबुद्धजन एक साथ उपस्थित होकर भारतीय संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा और पारिवारिक समरसता के साक्षी बनेंगे।
आत्मीयता, संस्कार और संवाद का अनूठा संगम
गुरुकुल प्रशासन के अनुसार, दीपावली स्नेह मिलन समारोह का मुख्य ध्येय केवल पर्व की खुशियां बांटना ही नहीं, बल्कि अभिभावकों और गुरुकुल के मध्य आत्मीय एवं सशक्त संवाद स्थापित करना है। आधुनिकता की दौड़ में जहां पारंपरिक मूल्य पीछे छूट रहे हैं, वहीं गुरुकुल वैदिक जीवनशैली, अनुशासन और मानवीय मूल्यों को सींचने का काम कर रहा है। समारोह के दौरान अभिभावकों को विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास, शैक्षणिक प्रगति और सह-शैक्षणिक गतिविधियों से विस्तारपूर्वक रूबरू करवाया जाएगा।
खेल और पढ़ाई में गुरुकुल का डंका: 18 होनहारों ने रचा इतिहास
गुरुकुल ने न केवल वैदिक ज्ञान और अकादमिक शिक्षा में कीर्तिमान स्थापित किए हैं, बल्कि खेल जगत में भी अपनी धाक जमाई है। इस सत्र में गुरुकुल के विद्यार्थियों ने बोर्ड एवं अन्य परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम हासिल कर संस्था का नाम रोशन किया।
सबसे बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि खेल मैदान से सामने आई है, जहां गुरुकुल के 18 होनहार बालकों ने विभिन्न खेल विधाओं में राज्य स्तर (State Level) पर चयनित होकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह कीर्तिमान स्पष्ट करता है कि गुरुकुल में किताबी ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक दक्षता और खेल प्रतिभा को तराशने पर विशेष बल दिया जा रहा है। समारोह के मंच पर इन सभी उभरते राज्यस्तरीय खिलाड़ियों और प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
सांस्कृतिक छटा और प्रेरणादायी उद्बोधनों से सजेगी शाम
कार्यक्रम के दौरान गुरुकुल के नन्हे-मुन्ने और युवा विद्यार्थियों द्वारा देशप्रेम, भारतीय परंपरा और लोक संस्कृति से ओतप्रोत रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
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सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: योग प्रदर्शन, वैदिक मंत्रोच्चार, समूह गान और नाटक के जरिए भारतीय संस्कृति के विविध रंगों की मनमोहक छटा बिखेरी जाएगी।
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उपलब्धियों का लेखा-जोखा: वर्ष भर की शैक्षणिक, खेलकूद और सामाजिक गतिविधियों का विस्तृत वार्षिक वृत्त प्रस्तुत किया जाएगा।
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आशीर्वचन एवं मार्गदर्शन: पूज्य वेदांताचार्य डॉ. ध्यानारामजी महाराज अपने पावन उद्बोधन में बच्चों को राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण और संस्कारमय जीवन जीने की दिशा में प्रेरित करेंगे।
तैयारियां पूरी, गुरुकुल परिवार में भारी उत्साह
समारोह को लेकर मायलावास और आसपास के समूचे क्षेत्र में भारी उत्साह देखा जा रहा है। गुरुकुल परिसर को दीपों और विद्युत रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया है। दूर-दराज से आने वाले अभिभावकों और अतिथियों के स्वागत व व्यवस्थाओं के लिए विभिन्न कमेटियां बनाई गई हैं। यह आयोजन सनातन गुरु-शिष्य परंपरा और वैदिक शिक्षा प्रणाली की जीवंत मिसाल बनकर उभरेगा। गुरुकुल प्रबंधन ने सभी धर्मप्रेमियों, अभिभावकों और शुभचिंतकों से अधिक से अधिक संख्या में पधारकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया है।









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