महंगे शौक और अय्याशी के लिए सूने मकान को बनाया था निशाना, 47 लाख के जेवरात और नकदी बरामद
आबूरोड (सिरोही)। सिरोही जिला पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ द्वारा जिले में चोरी, लूट और डकैती जैसी संपत्ति संबंधी वारदातों के खुलासे व अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आबूरोड रीको थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने रीको कॉलोनी आबूरोड में एक सूने मकान से 50 लाख रुपये की भारी-भरकम नकबजनी की वारदात का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी को गुजरात के गांधीधाम से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी कोई पेशेवर चोर नहीं, बल्कि एक जिम ट्रेनर है, जिसने अपने महंगे शौक और अय्याशी को पूरा करने के लिए इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया।
यह थी पूरी घटना
मामले के अनुसार, 12 अप्रैल 2026 को प्रार्थी कितेंद्र सिंह पुत्र धुरेंद्र सिंह (निवासी रीको कॉलोनी, आबूरोड) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कितेंद्र सिंह मावल स्थित प्रोक एनर्जी कंपनी में नौकरी करते हैं। उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल 2026 की सुबह वह अपनी पत्नी के साथ कार द्वारा भरूच (गुजरात) गए हुए थे। जब 11 अप्रैल की रात को दोनों वापस घर लौटे, तो मकान का सामान अस्त-व्यस्त मिला। अलमारी और लॉकर खंगालने पर पता चला कि घर में रखे सोने-चांदी के कीमती जेवरात (कीमत करीब 47 लाख रुपये) और 1 लाख 78 हजार रुपये नकद गायब थे। कुल मिलाकर करीब 50 लाख रुपये की चोरी की इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर अज्ञात बदमाशों की तलाश शुरू की।
हजारों CCTV खंगाले, ऐसे जाल में फंसा आरोपी
वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने तुरंत विशेष निर्देश जारी किए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किशोर सिंह चौहान और वृताधिकारी (आबू पर्वत) गोमाराम के निकटतम सुपरविजन में रीको थानाधिकारी लक्ष्मण सिंह चम्पावत के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
- तकनीकी विश्लेषण: पुलिस की एमओबी (MOB) और साइबर सेल टीम ने मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।
- सीसीटीवी फुटेज: पुलिस टीम ने दिन-रात एक करते हुए घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे हजारों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले।
- संदिग्धों पर निगरानी: तकनीकी डाटा और फुटेज के विश्लेषण से कुछ संदिग्ध चेहरे सामने आए, जिसके बाद मुखबिरों को सक्रिय कर गोपनीय तरीके से उनकी गतिविधियों पर नजर रखी गई।
- गुजरात में डेरा: जब मुख्य संदिग्ध की लोकेशन गुजरात के गांधीधाम में मिली, तो आबूरोड रीको पुलिस की टीम तुरंत गांधीधाम पहुंची। वहां कई दिनों तक डेरा डालकर स्थानीय पुलिस के सहयोग से घेराबंदी की गई और अंततः मुख्य आरोपी मासुक खान को डिटेन कर गिरफ्तार कर लिया गया।
वारदात का तरीका: जान-पहचान का उठाया फायदा
पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी मासुक खान (उम्र 30 साल, निवासी लुणियापुरा आबूरोड, मूल थाना आबूरोड शहर) पेशे से जिम ट्रेनर है। जिम के सिलसिले में उसका प्रार्थी कितेंद्र सिंह के घर कभी-कभार आना-जाना था। इसी दौरान उसकी नजर घर में रखे कीमती सामान और जेवरात पर पड़ी और उसने चोरी की नीयत से रेकी करना शुरू कर दिया। 10 अप्रैल को जब उसे पता चला कि कितेंद्र सिंह और उनकी पत्नी गुजरात गए हैं, तो उसने सूने मकान का फायदा उठाकर रात के अंधेरे में घर में प्रवेश किया और तिजोरी साफ कर दी। आरोपी ने कुबूल किया है कि उसने मौज-मस्ती, अय्याशी और अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था।
इस जांबाज टीम ने किया वारदात का खुलासा
इस बड़ी सनसनीखेज चोरी को ट्रेस आउट करने और आरोपी को दबोचने में नीचे दिए गए पुलिस अधिकारियों और जवानों की मुख्य भूमिका रही:
- लक्ष्मण सिंह चम्पावत (पु.नि. थानाधिकारी, पुलिस थाना आबूरोड रीको) – टीम नेतृत्व
- पुखराज (उपनिरीक्षक, पुलिस थाना आबूरोड रीको)
- बाबूलाल (उपनिरीक्षक, पुलिस थाना आबूरोड रीको)
- भव्यसिंह (कांस्टेबल नं. 72, पुलिस थाना आबूरोड रीको) – मुख्य भूमिका
- ओमप्रकाश (कांस्टेबल नं. 158, police थाना आबूरोड रीको) – मुख्य भूमिका
- राजवीरसिंह (कांस्टेबल नं. 1011, पुलिस थाना आबूरोड रीको)







पाठक टिप्पणियां (Comments)
0 टिप्पणियां