अमृत भारत स्टेशन योजना: 145 साल के गौरवशाली इतिहास में जुड़ेगा नया स्वर्णिम अध्याय; वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लैस होगा माउंट आबू का यह 'प्रवेश द्वार'
सिरोही/आबूरोड। "दृढ़ इच्छाशक्ति और विजनरी नेतृत्व जब एक साथ मिलते हैं, तो विकास की राहें खुद-ब-खुद आसान हो जाती हैं।" जालोर-सिरोही के लोकप्रिय सांसद लुम्बाराम चौधरी की मेहनत और दिल्ली दरबार में उनकी सशक्त पैरवी का ही नतीजा है कि आज आबूरोड रेलवे स्टेशन के कायाकल्प का सपना हकीकत में बदलने जा रहा है। रेल मंत्रालय ने इस महत्वपूर्ण स्टेशन के पुनर्विकास के लिए 81.51 करोड़ रुपए के भारी-भरकम बजट को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। यह न केवल सिरोही जिले के लिए, बल्कि राजस्थान के पर्यटन मानचित्र के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
सांसद की दिल्ली में सक्रियता लाई रंग सांसद लुम्बाराम चौधरी ने पदभार संभालते ही क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं को अपनी प्राथमिकता सूची में रखा था। उन्होंने रेल मंत्रालय के साथ कई दौर की बैठकें कीं और आबूरोड स्टेशन की महत्ता को रेखांकित किया। रेल मंत्रालय द्वारा स्वीकृत इस राशि में से 74.87 करोड़ रुपए मुख्य निर्माण लागत के रूप में खर्च होंगे। इसके अलावा डिजाइन, फर्नीचर, ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन और आर्टवर्क के लिए भी अलग से बजट का प्रावधान किया गया है, जो इस स्टेशन को आधुनिक और भव्य लुक देगा।

बजट का पाई-पाई का हिसाब: | मद (Heads) | स्वीकृत राशि (करोड़ में) | | :--- | :--- | | मुख्य निर्माण लागत | 74.87 | | यूटिलिटी सर्विसेज | 0.75 | | डिजाइन चार्जेज | 0.75 | | फर्नीचर एवं साज-सज्जा | 0.75 | | आर्टवर्क (सौंदर्यकरण) | 0.19 | | ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन | 0.07 | | अन्य (डिपार्टमेंटल व कंटीन्जेंसीज) | 4.13 |
145 साल का सफर: मीटर गेज से वंदे भारत तक आबूरोड स्टेशन कोई साधारण स्टेशन नहीं है, बल्कि यह 1880 से भारतीय रेलवे के गौरवशाली इतिहास का साक्षी रहा है। स्टीम इंजन (भाप के इंजन) के दौर से शुरू हुआ यह सफर आज वंदे भारत, राजधानी और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों के संचालन तक पहुँच चुका है। 145 साल पुराने इस स्टेशन ने बदलते वक्त के साथ खुद को ढाला है, लेकिन अब यह 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत एक आधुनिक 'ट्रांसपोर्ट हब' के रूप में नजर आएगा।
पर्यटन और आस्था का मुख्य केंद्र यह स्टेशन विश्व प्रसिद्ध पर्वतीय स्थल माउंट आबू का मुख्य द्वार है। साथ ही, प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह प्रमुख ठहराव है। साल भर यहाँ देश-विदेश से लाखों पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। स्टेशन के पुनर्विकास से पर्यटकों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन उद्योग को भी जबरदस्त पंख लगेंगे।
सांसद का संदेश: 'यह जनता के भरोसे की जीत है' इस उपलब्धि पर सांसद लुम्बाराम चौधरी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आबूरोड स्टेशन का नया स्वरूप न केवल यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करेगा, बल्कि यह विकसित भारत की दिशा में जालोर-सिरोही का एक मजबूत कदम होगा। उन्होंने रेल मंत्रालय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए इसे क्षेत्र की जनता के भरोसे की जीत बताया।







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