7 दिन तक चला उत्सव, 563 से अधिक सौदे, ग्रामीण संस्कृति और व्यापार का अनूठा संगम
रानीवाड़ा क्षेत्र का प्रसिद्ध आपेश्वर महादेव पशु मेला, सेवाडिया इस वर्ष अभूतपूर्व सफलता के साथ सम्पन्न हुआ। सात दिनों तक चले इस मेले ने न केवल पशुपालकों के लिए बड़े व्यापारिक अवसर खोले, बल्कि ग्रामीण संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का भी जीवंत मंच बना।
रानीवाड़ा। सेवाडिया में आयोजित आपेश्वर महादेव पशु मेले का सात दिवसीय आयोजन मेला अधिकारी हेमलता बिश्नोई के नेतृत्व में हर्षोल्लास और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। मेले के दौरान राजस्थान, गुजरात सहित आसपास के राज्यों से हजारों पशुपालक और आमजन पहुंचे, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

इस वर्ष मेले में विभिन्न नस्लों के पशुओं की खरीद-फरोख्त ने नए रिकॉर्ड बनाए। पशुपालकों ने ऊंट, गाय, बैल और भैंसों की उत्कृष्ट नस्लों का प्रदर्शन किया, जिससे व्यापार को नई गति मिली। पशुपालकों के लिए यह मेला न केवल आर्थिक लाभ का जरिया बना, बल्कि आपसी अनुभवों के आदान-प्रदान का भी महत्वपूर्ण मंच रहा।
मेले में ग्रामीण संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा, लोक संगीत, देसी खान-पान और स्थानीय उत्पादों ने आगंतुकों को खासा आकर्षित किया। बच्चों और युवाओं के लिए झूले, खेल-तमाशे और मनोरंजन के विशेष इंतजाम भी किए गए थे, जिससे मेले का आकर्षण और बढ़ गया।

व्यवस्थाओं ने बढ़ाया भरोसा:
प्रशासन की ओर से सुरक्षा, चिकित्सा और बुनियादी सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पशुओं के लिए चिकित्सा जांच, चारा, पानी और छाया की समुचित व्यवस्था की गई, वहीं आमजन के लिए पेयजल, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था सुचारू रही। इससे मेले में आए लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
सम्मान समारोह बना आकर्षण:
समापन समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशुपालकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। मेला अधिकारी हेमलता बिश्नोई ने सभी के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इस वर्ष का आयोजन अब तक का सबसे सफल मेला रहा है और भविष्य में इसे और अधिक बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
विशेष उपस्थिति और संदेश:
इस अवसर पर BCMO डॉ. गणपतलाल, सीआई जीत सिंह, पशुपालन विभाग के डायरेक्टर महेश सिंदे, VDO संघ अध्यक्ष उम्मेद सिंह, छोटूसिंह देवड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने मेले की व्यवस्थाओं और आयोजन की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के विकास और सांस्कृतिक पहचान के लिए महत्वपूर्ण बताया।
आपेश्वर महादेव पशु मेला, सेवाडिया ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि ग्रामीण भारत की परंपराएं और व्यापारिक गतिविधियां आज भी उतनी ही जीवंत और प्रभावशाली हैं। यह मेला आने वाले वर्षों में और अधिक भव्यता के साथ क्षेत्र की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले







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