रानीवाड़ा, वृत्त संवाददाता। रानीवाड़ा कस्बे में सोमवार को पारंपरिक संस्कृति और स्वाभिमान के प्रतीक साफे को समर्पित 'ऊँ बन्ना साफा हाउस' का भव्य शुभारंभ हुआ। समारोह में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने शिरकत कर इस पहल को सराहा। यह प्रतिष्ठान न केवल साफे की खरीद-फरोख्त का केंद्र बनेगा, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और राजस्थानी परंपराओं को जीवंत रखने का भी एक माध्यम साबित होगा।

पूर्व विधायक और गणमान्य नागरिकों ने किया शुभारंभ
मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल और बड़गांव ठाकुर रावत मानवेन्द्रसिंह देवड़ा ने फीता काटकर 'ऊँ बन्ना साफा हाउस' का उद्घाटन किया। उनके साथ पूर्व मंत्री अर्जुनसिंह देवड़ा भी मौजूद रहे। इस दौरान अतिथियों ने कहा कि साफा केवल सिर ढकने का परिधान नहीं, बल्कि हमारे गौरवशाली इतिहास, सम्मान और शौर्य का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि समय के साथ आधुनिकता की दौड़ में हमारी परंपराएं कहीं पीछे न छूटें, इसलिए ऐसे प्रयासों की आवश्यकता है जो इन्हें सहेज सकें। उन्होंने दुकान के संचालकों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण और बेहतर सेवाएं देने की अपील की।

साफा ही नहीं, सम्मान भी
'ऊँ बन्ना साफा हाउस' में राजस्थान की पारंपरिक वेशभूषा से जुड़े विभिन्न प्रकार के साफे उपलब्ध होंगे। यहां ग्राहकों को अपनी पसंद और अवसर के अनुसार साफा चुनने का मौका मिलेगा, चाहे वह शादी-ब्याह का अवसर हो, कोई धार्मिक समारोह हो या फिर कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम। संचालकों ने बताया कि उनका उद्देश्य सिर्फ व्यापार करना नहीं, बल्कि हर ग्राहक को राजस्थान की आन, बान और शान का एहसास कराना है।
समारोह में ये रहे उपस्थित
शुभारंभ समारोह में लाछीवाड़ महंत शिवपुरी महाराज, पूर्व मंत्री अर्जुनसिंह देवड़ा, रघुवीरसिंह देवड़ा (आजोदर), नृपालदेव देवड़ा (मैत्रीवाड़ा), उपखंड अधिकारी सुनीलकुमार, तहसीलदार हनवंतसिंह, प्रधान राघवेंद्रसिंह देवड़ा, थानाधिकारी दीपसिंह, BCMO डॉ. गणपत लाल, नवलसिंह देवड़ा, फूलसिंह जाखड़ी, छोटूसिंह, दीपसिंह देवड़ा, उत्तमसिंह देवड़ा, फतेहसिंह देवड़ा, तोलाराम मोदी, रिड़मलसिंह डाभी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के प्रबुद्धजन और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने 'ऊँ बन्ना साफा हाउस' के इस कदम की सराहना की और संचालक को बधाई दी।







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