वाणिज्यिक कर विभाग, सांचौर द्वारा आयोजित हुआ 'जीएसटी बचत उत्सव', देवल ने गिनाए आम आदमी को मिले लाभ
रानीवाड़ा/सांचौर। रानीवाड़ा के पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल ने मंगलवार को वाणिज्यिक कर विभाग, सांचौर द्वारा आयोजित 'जीएसटी बचत उत्सव' कार्यक्रम में शिरकत की। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए देवल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा देश की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में किए गए जीएसटी सुधारों को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने विशेष रूप से जरूरती चीजों पर करों को युक्तिसंगत बनाने (rationalization) के लिए केंद्र सरकार की सराहना की।

देवल ने कहा, "जीएसटी को केवल एक कर नहीं, बल्कि 'एक राष्ट्र, एक बाजार, एक कर' की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम के रूप में देखा जाना चाहिए। हाल के सुधारों ने आम आदमी के लिए रोजमर्रा की वस्तुओं को सस्ता किया है, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को वास्तविक बचत हुई है।"
जीएसटी: एक राष्ट्र, एक कर की राह
जीएसटी (Goods and Services Tax) को 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था, जिसने उत्पाद शुल्क (Excise Duty), सेवा कर (Service Tax), वैट (VAT) और केंद्रीय बिक्री कर (CST) जैसे लगभग 17 स्थानीय और केंद्रीय करों को समाप्त करके एक एकीकृत राष्ट्रीय बाजार का निर्माण किया।
GST के प्रमुख लाभ (Advantages)
- कैस्केडिंग प्रभाव का उन्मूलन: जीएसटी का सबसे बड़ा लाभ 'कर पर कर' (Tax-on-Tax) के कैस्केडिंग प्रभाव को खत्म करना है, जिससे वस्तुओं और सेवाओं की अंतिम लागत में कमी आई है।
- सरल अनुपालन: पंजीकरण, रिटर्न फाइलिंग और रिफंड की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन हो गई है, जिससे व्यवसायों के लिए अनुपालन (compliance) आसान हुआ है।
- लॉजिस्टिक्स में सुधार: राज्यों के बीच चेकपॉइंट और प्रवेश करों के हटने से वस्तुओं का परिवहन तेज हुआ है, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आई है।
- पारदर्शिता और राजस्व वृद्धि: मजबूत आईटी नेटवर्क और ई-वे बिल प्रणाली से कर चोरी पर लगाम लगी है, जिससे सरकार के राजस्व संग्रह में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
जीएसटी की चुनौतियाँ (Disadvantages)
- जटिल स्लैब संरचना: शुरुआत में चार प्रमुख स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) होने के कारण इसे जटिल माना गया। (हालांकि हालिया सुधारों में इसे सरल किया गया है)।
- छोटे व्यापारियों पर अनुपालन बोझ: छोटे व्यापारियों को शुरुआती दौर में जीएसटी रिटर्न दाखिल करने और सॉफ्टवेयर अपनाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
- पेट्रोलियम उत्पादों का बाहर रहना: पेट्रोलियम उत्पादों, शराब और बिजली को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने के कारण इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ पूरी तरह नहीं मिल पाता।
आँकड़ों की ज़ुबानी, जीएसटी की कहानी (Big Statistics)
GST अधिकारिओ ने जीएसटी की सफलता को दर्शाते हुए कुछ महत्वपूर्ण सरकारी आंकड़े भी साझा किए:
- राजस्व का ऐतिहासिक रिकॉर्ड: वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का सकल जीएसटी संग्रह 22.08 लाख करोड़ रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.4% की वृद्धि दर्शाता है।
- मासिक संग्रह में उछाल: अप्रैल 2024 में जीएसटी राजस्व ने अब तक का सबसे बड़ा मासिक रिकॉर्ड बनाते हुए 2.10 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया।
- दरों का सरलीकरण (हालिया सुधार): हाल के जीएसटी सुधारों के तहत, 99% से अधिक वस्तुओं और सेवाओं को 0%, 5% या 18% के दायरे में लाया गया है, और रोजमर्रा के कई सामानों पर टैक्स 12% से घटाकर 5% किया गया है।
- GDP वृद्धि में योगदान: विशेषज्ञों का अनुमान है कि जीएसटी, लॉजिस्टिक्स की दक्षता में सुधार और 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देकर भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि में 1.5% से 2% तक का योगदान दे सकता है।
नारायण सिंह देवल ने निष्कर्ष में कहा कि केंद्र सरकार लगातार जीएसटी परिषद के माध्यम से कर दरों और प्रक्रियाओं को सरल बना रही है, जिससे 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' की रैंकिंग में सुधार हो रहा है और देश एक सशक्त आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है।
सर्कल न्यूज़ नेटवर्क







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