गौशाला की जमीन हड़पने की साज़िश!
जालोर/रानीवाड़ा। गौवंश के लिए समर्पित पावन भूमि के अवैध हस्तांतरण को लेकर रानीवाड़ा उपखण्ड क्षेत्र के कागमाला गांव में जबरदस्त रोष व्याप्त है। गांव के दर्जनों ग्रामीणों और गौशाला ट्रस्टियों ने मिलकर पांजरापोल जीवदया गौशाला की जमीन का अवैध बेचान (बिक्री) रोकने की मांग करते हुए शुक्रवार को उपखण्ड अधिकारी (SDM) और तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा।

क्या है पूरा मामला?
कागमाला गांव में स्थित यह पांजरापोल गौशाला पिछले कई वर्षों से जैन समाज द्वारा संचालित है और यहाँ सैकड़ों गोवंश का आश्रय स्थल है। गौशाला के ट्रस्टी केसरीमल शांतिलाल जैन ने बताया कि गौशाला तीन खसरा संख्याओं (1297/736, 737, और 740) पर संचालित है, जिस पर गौशाला का ट्युबवैल, टीन शेड और गौवंश का आश्रय स्थल बना हुआ है।
समिति ने बताया कि इस भूमि का आवासीय रूपांतरण करवाने के लिए, इसे गांव के ही कुछ व्यक्तियों—तलकाराम भील, छोगा राम भील और मोवाराम भील—के नाम करवाई गई थी। बाजार भाव में जमीन की कीमत बढ़ने से पहले ही गौशाला समिति ने खाता धारकों को बाजार कीमत अदा कर दी थी।

नियत में खोट, जमीन का अवैध बेचान
ट्रस्टी केसरीमल मुथा ने आरोप लगाया कि बाजार भाव में जमीन की कीमत बेतहाशा बढ़ने के बाद उक्त खाता धारकों की नियत में खोट आ गया। उन्होंने गौशाला समिति की सहमति के बिना ही, यह बेशकीमती जमीन गांव के ही कृष्ण कुमार देवासी और वरधाराम देवासी को बैचान (बिक्री) कर दी।
मुथा ने चेतावनी दी कि यदि यह अवैध हस्तांतरण नहीं रोका गया, तो पांजरापोल गौशाला में पल रहे सैकड़ों गोवंश के लिए गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा, क्योंकि यह जमीन उनके मुख्य आश्रय और पानी के स्रोत के लिए महत्वपूर्ण है।

पूर्व विधायक देवल से भी दखल की मांग
इस संवेदनशील मामले को लेकर ग्रामीणों और ट्रस्टियों ने पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल से भी मुलाकात की और उनसे गौवंश के हित में उचित और त्वरित कार्रवाई करने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने वाले ग्रामीणों ने उपखण्ड अधिकारी से मांग की है कि:
- बेचान की गई आराजी भूमि का हस्तांतरण तुरंत रोका जाए।
- उक्त भूमि का नामांतरण (Mutation) गौशाला समिति ‘जीवदया गौशाला पांजरापोल समिति’ के नाम पर दर्ज किया जाए।
इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में ट्रस्टी केसरीमल मुथा, प्रकाश मुथा के साथ बजरंग हिंद से नेपाल सिंह देवल, मंगल सिंह सोलंकी, उम्मेद सिंह बी देवल, पूर्व डेलीगेट कृष्णकुमार देवासी, चतरा राम देवासी, पारस खान कोटवाल, आसाराम देवासी, अशोक कुमार भील, मनीष मुथा सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। प्रशासन ने ग्रामीणों को मामले की जाँच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सर्कल न्यूज़ नेटवर्क



