क्षेत्र के सबसे बड़े तीर्थस्थल सुंधामाता आने वाले श्रद्धालुओं और प्रवासी बंधुओं को मिलेगी बड़ी राहत; समदड़ी-भीलड़ी रेल मार्ग पर आमान परिवर्तन के बाद से बंद है यह स्टेशन
Circle News Network रानीवाड़ा। क्षेत्र के रेल उपभोक्ताओं और सुंधामाता तीर्थ आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के हक में ‘सर्कल न्यूज’ द्वारा करीब साल भर पहले प्रमुखता से उठाई गई आवाज का आज बड़ा असर देखने को मिला है। स्थानीय जनता की इस बेहद जरूरी और पुरानी मांग का अनुसरण करते हुए रानीवाड़ा के पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल ने आज भारत सरकार के माननीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक पत्र भेजकर पुरजोर पैरवी की है। देवल ने समदड़ी-भीलड़ी रेल मार्ग पर मालवाड़ा एवं मारवाड़ कोरी स्टेशन के बीच पूर्व में संचालित और वर्तमान में बंद पड़े ‘कागमाला हॉल्ट’ को ‘श्री सुंधामाता रोड’ नाम से संशोधित करवाते हुए इसे पूर्ण रेलवे स्टेशन का दर्जा देकर पुनः शुरू करने की मांग उठाई है।
‘सर्कल न्यूज’ ने एक साल पहले उठाई थी जनहित की यह आवाज
उल्लेखनीय है कि समदड़ी-भीलड़ी रेल मार्ग के ब्रॉडगेज (आमान परिवर्तन) में बदलने के दौरान रेलवे प्रशासन द्वारा इस क्षेत्र के महत्वपूर्ण ‘कागमाला हॉल्ट’ को बंद कर दिया गया था। इसके बंद होने से आस-पास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों और सुंधामाता आने वाले यात्रियों को हो रही भारी असुविधा को लेकर ‘सर्कल न्यूज’ ने साल भर पहले एक विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट जारी की थी। इस खबर में बताया गया था कि किस तरह एक छोटा सा फैसला स्थानीय अर्थव्यवस्था और यात्रियों पर भारी पड़ रहा है। आज उसी जनहित के मुद्दे पर पूर्व विधायक देवल ने मुहर लगाते हुए रेल मंत्रालय के समक्ष यह मामला मजबूती से रखा है।

सुंधामाता आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को होगी आसानी
बजरंग दल के अध्यक्ष नेपाल सिंह देवल ने बताया की रेल मंत्री को भेजे पत्र में पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल ने अवगत कराया कि श्री सुंधामाता पश्चिमी राजस्थान का एक जगप्रसिद्ध और अति-महत्वपूर्ण शक्तिपीठ है। यहाँ केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत सहित पूरे देश से भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए आते हैं। प्राकृतिक रूप से रमणीय स्थल होने के कारण यह एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित हो चुका है। यदि इस हॉल्ट को ‘श्री सुंधामाता रोड’ नाम से पुनर्जीवित कर यहाँ सवारी गाड़ियों का ठहराव सुनिश्चित किया जाता है, तो श्रद्धालुओं के लिए सुंधामाता पहुंचने की दूरी और समय दोनों बेहद कम हो जाएंगे, क्योंकि कागमाला से सुंधामाता के लिए सीधा रोड मार्ग उपलब्ध है।


दो दर्जन से अधिक गांवों के मूल निवासियों और प्रवासियों को मिलेगा सीधा लाभ
इस स्टेशन के दोबारा शुरू होने से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र के उन हजारों प्रवासी बंधुओं को भी बड़ी राहत मिलेगी जो व्यापार और रोजगार के सिलसिले में महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में रहते हैं। इस प्रस्तावित स्टेशन के पुनर्गठन से:
- कागमाला, डाडोकी, सिलासन
- चरपटीया, बिलड, चांडपुरा
- शिवगढ़, राजपुरा, पंसेरी
- धनपुरा, पुरण, दांतलावास
- राजीकावास, मनोहरजी का वास
- बोटेश्वर महादेव और कारलू
सहित दो दर्जन से अधिक गांवों के मूल निवासियों को रानीवाड़ा-अहमदाबाद या भीनमाल, जालोर और जोधपुर की तरफ यात्रा करने में समय और किराए की बड़ी बचत होगी।

स्टेशन का दर्जा देकर पैसेंजर ट्रेनों के ठहराव की मांग
पूर्व विधायक ने रेल मंत्री से विनम्र आग्रह किया है कि माँ सुंधा के भक्तों, प्रवासियों और स्थानीय आमजन की सुगमता को ध्यान में रखते हुए इस बंद पड़े हॉल्ट को ‘श्री सुंधामाता रोड’ नाम से रेलवे स्टेशन के रूप में स्वीकृत किया जाए और यहाँ नियमित सवारी गाड़ियों का ठहराव सुनिश्चित करवाकर क्षेत्र की जनता को बड़ी राहत प्रदान की जाए।



