सर्कल न्यूज नेटवर्क जयपुर/बाड़मेर। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन विषकपिल' के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। टास्क फोर्स ने करीब तीन साल से फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी अपराधी और टॉप मोस्ट नार्को-25 के मुख्य सूत्रधार को बाड़मेर से दबोच लिया है। पकड़ा गया आरोपी नवरात्रि के पावन पर्व पर कुलदेवी नागणेची माता की पूजा-अर्चना करने घर आया हुआ था और वहीं से सीधे नेपाल भागने की फिराक में था।
अपराधी का पूरा नाम व पता: गिरफ्तार आरोपी की पहचान कंवराराम (उम्र 35 वर्ष), पुत्र बगताराम, जाति जाट, पेशा वाहन चालक, मूल निवासी ग्राम बोला, पुलिस थाना ग्रामीण बाड़मेर; हाल निवासी बलदेव नगर बाड़मेर, पुलिस थाना रीको क्षेत्र (बाड़मेर) के रूप में हुई है।
आईजी विकास कुमार ने जारी किया अलर्ट: एएनटीएफ महानिरीक्षक पुलिस (आईजी) श्री विकास कुमार ने बताया कि पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा एवं अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के सुपरविजन में नशे के तस्करों पर कहर बरपाने का सिलसिला लगातार जारी है। उन्होंने टास्क फोर्स की सभी फील्ड यूनिट्स को अलर्ट पर रखते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मादक पदार्थों के नेटवर्क से जुड़े किसी भी सरगना को बख्शा नहीं जाएगा। आईजी विकास कुमार ने आमजन से अपील की है कि किसी भी तस्कर या संदिग्ध अपराधी की जानकारी एएनटीएफ कंट्रोल रूम (0141-2502877) या व्हाट्सएप नंबर (9261225056) पर दें; सूचना देने वाले का नाम व पता पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।
विगतवार ब्योरा: पेट्रोल पंप सेल्समैन से अंतरराष्ट्रीय तस्करी के मंसूबों तक
नेपाल भागने के लिए बैग था तैयार, पूजा करते ही पड़ा छापा आईजी विकास कुमार के अनुसार आरोपी कंवराराम नागणेची माता का अनन्य भक्त है। एएनटीएफ को पुख्ता इनपुट मिला था कि वह नवरात्रि पर पूजा-पाठ के लिए अपने घर आ सकता है। सूचना मिलते ही टीम ने उसके ठिकाने के इर्द-गिर्द सादा वर्दी में गुप्त घेराबंदी कर दी। आरोपी जैसे ही घर में माताजी की पूजा-अर्चना में लीन हुआ, टीम ने तत्काल दबिश देकर उसे मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी ने फरारी काटने के लिए अपना बैग पहले से पैक कर रखा था और पूजा समाप्त होते ही वह नेपाल भागने की फिराक में था, लेकिन टास्क फोर्स ने उसकी पूरी योजना पर पानी फेर दिया।
पुलिस से बचने को पाल रखे थे 8 कुत्ते गिरफ्तारी से बचने के लिए शातिर तस्कर ने घर के आसपास कड़ा सुरक्षा पहरा बना रखा था। उसने 8 पालतू कुत्ते पाल रखे थे, जिससे किसी भी अजनबी या पुलिसकर्मी की आहट होते ही वे भौंकने लगते थे। कुत्तों के भौंकने पर वह पहले ही सतर्क होकर मौके से फरार हो जाता था। हालांकि, एएनटीएफ की सतर्कता और सुनियोजित रणनीति के आगे उसका यह सुरक्षा चक्रव्यूह भी काम नहीं आ सका।
10वीं के बाद छोड़ी पढ़ाई, फिर अपराध की दलदल में धंसता गया कंवराराम ने वर्ष 2009 में 10वीं तक पढ़ाई के बाद स्कूल छोड़ दिया था। दो साल तक पेट्रोल पंप पर सेल्समैन का काम करने के बाद वह वाहन चालक बन गया। वर्ष 2010 में उसके खिलाफ मारपीट का पहला मामला दर्ज हुआ। इसके बाद वर्ष 2013 में उस पर हत्या का संगीन मुकदमा दर्ज हुआ, जिसमें वह करीब 4 साल तक जेल में रहा। जेल से जमानत पर छूटने के बाद उसने अवैध शराब की तस्करी शुरू की और राजस्थान से गुजरात शराब सप्लाई करने लगा। पार्टनर से विवाद के बाद उसने यह धंधा छोड़कर मादक पदार्थों की बड़ी तस्करी में कदम रख दिया।
मध्य प्रदेश से खरीदकर मारवाड़ में खपाता था डोडा पोस्त आरोपी मध्य प्रदेश व दक्षिण राजस्थान से भारी मात्रा में डोडा पोस्त और अन्य मादक पदार्थ खरीदकर मारवाड़ के विभिन्न जिलों में सप्लाई करता था। वर्ष 2018 में वह नीमच (मध्य प्रदेश) में एनडीपीएस मामले में गिरफ्तार होकर 27 महीने जेल में रहा। दिसंबर 2021 में प्रतापगढ़ के छोटी सादड़ी तथा वर्ष 2023 में पाली के बाली थाने में उसके खिलाफ एनडीपीएस व आर्म्स एक्ट के मुकदमे दर्ज हुए।
चार राज्यों में बदलता रहा ठिकाने, दर्ज हैं 14 से अधिक मुकदमे लगातार मामले दर्ज होने के बाद कंवराराम गांव छोड़कर फरार हो गया था। वह राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक में अलग-अलग ठिकाने बदलकर फरारी काट रहा था, लेकिन फरारी के दौरान भी उसने नशे की तस्करी का काला कारोबार बंद नहीं किया। उसके विरुद्ध हत्या, मारपीट और एनडीपीएस के 14 से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
आरोपी को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए रीको पुलिस थाना, बाड़मेर के सुपुर्द किया गया है। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली एएनटीएफ की टीम को पुलिस मुख्यालय में आयोजित विशेष समारोह के दौरान सम्मानित किया जाएगा।









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