जोधपुर NLU में टकराई नजरें, राजस्थान के छोरे पर आया मराठी छोरी का दिल: ठाठ से की शादी, अब बहू को मिली 1 करोड़ की स्कॉलरशिप; जोड़े की ठाठ-बाट भरी जिंदगी देख सब हैरान!
लॉ कॉलेज की लव स्टोरी से अमेरिका तक का सफर: मेघवाल परिवार के अरविंद और मराठी शिंदे परिवार की दीप्ति ने साथ देखे थे जो सपने, अब सिएटल में कानून की ऊंची उड़ान भरेगी मारवाड़ की बहू
सर्कल न्यूज नेटवर्क रानीवाड़ा/जालोर। कहते हैं जब हौसले बुलंद हों और जीवनसाथी का साथ सच्चा, तो सरहदें भी छोटी पड़ जाती हैं। कुछ ऐसी ही फिल्मी और प्रेरणादायक प्रेम कहानी है राजस्थान के जालोर जिले के मैत्रीवाड़ा गांव के अरविंद वाघेला मेघवाल और मध्य प्रदेश (भोपाल) की मराठी शिंदे परिवार की बेटी दीप्ति शिंदे की। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) जोधपुर के क्लासरूम से शुरू हुई यह प्रेम कहानी अब सात समंदर पार अमेरिका के सिएटल शहर तक नई मिसाल कायम कर रही है। मैत्रीवाड़ा की इस होनहार बहू को अमेरिका की नामी सिएटल यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ में एलएल.एम. की पढ़ाई के लिए करीब 1 करोड़ रुपए की पूर्ण स्कॉलरशिप मिली है।
NLU जोधपुर में पहली नजर का प्यार: दोनों वकील, साथ बुने सपने
कहानी की शुरुआत हुई देश के प्रतिष्ठित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU), जोधपुर के कैंपस से। राजस्थान की रेतीली धरती का छोरा अरविंद और मराठी संस्कार लेकर भोपाल से कानून की पढ़ाई करने पहुंची दीप्ति शिंदे की मुलाकात पढ़ाई के दौरान हुई। दोनों होनहार, दोनों कानून की बारीकियों में माहिर। किताबों और नोट्स के बीच दोस्ती कब प्यार में बदल गई, पता ही नहीं चला। दोनों ने वकालत की डिग्री हासिल की और जिंदगी के हर मोड़ पर एक-दूजे का हाथ थामने का पक्का इरादा कर लिया।
ठाठ से हुई शादी, मेघवाल परिवार ने मराठी बहू को पलकों पर बैठाया
जब प्यार परवान चढ़ा, तो दोनों परिवारों की रजामंदी से यह रिश्ता शादी के बंधन में बंधा। मारवाड़ के मेघवाल परिवार और मराठी शिंदे परिवार के संस्कारों का ऐसा संगम हुआ कि शादी पूरे ठाठ-बाट और धूमधाम से संपन्न हुई। शादी के बाद दीप्ति सिर्फ अरविंद की अर्धांगिनी नहीं बनीं, बल्कि पूरे मैत्रीवाड़ा गांव की लाडली बहू बन गईं। रूढ़िवादिता को पीछे छोड़ते हुए ससुराल पक्ष ने बहू के सपनों को अपनी आंखों का तारा बनाया और उसे करियर में आगे बढ़ने की पूरी आजादी दी।
देश की टॉप लॉ फर्म में वकालत, पति बने इंटरनेशनल कंपनी के एमडी
डिग्री पूरी करने के बाद दीप्ति ने देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट लॉ फर्मों में शुमार ‘शार्दूल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी (SAM)’ में वकील के रूप में अपनी धाक जमाई। वहीं, पति अरविंद वाघेला मेघवाल ने भी पीछे मुड़कर नहीं देखा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी डिजिटल एजेंसी 'कूजमू' (Coozmoo) के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) के रूप में कमान संभाली। दोनों ने मिलकर अपनी मेहनत के दम पर सफलता की नई इबारत लिखी और ठाठ-बाट के साथ जीवन के हर पल का लुत्फ उठाया।
अब अमेरिका में बजेगा डंका: 1 करोड़ की स्कॉलरशिप और लग्जरी लाइफ
दीप्ति की मेहनत को अब अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। उन्हें प्रतिष्ठित ‘मेहता वाही + राउंडग्लास इंडिया सेंटर’ की पहली इनॉग्रल स्कॉलर के रूप में चुना गया है। अमेरिका की सिएटल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई, ट्यूशन फीस से लेकर वहां ठाठ से रहने, खाने और यात्रा का पूरा 1 करोड़ रुपए का खर्च इसी स्कॉलरशिप से कवर होगा।
मारवाड़ की यह बहू अब अमेरिका में कानून की उच्च शिक्षा हासिल कर अपनी जिंदगी को नए आयाम देगी। राजस्थान के छोरे और मराठी छोरी की यह जोड़ी आज देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है कि सच्चा प्यार करियर में रुकावट नहीं, बल्कि आसमान छूने का सबसे मजबूत पंख बनता है।










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