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बालोतरा। जिले के मिठौड़ा गांव में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और स्थानीय पुलिस ने एक सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए घर में चल रही अवैध एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि नेटवर्क को जालोर जिला अस्पताल में पदस्थापित एक सरकारी डॉक्टर की आड़ में चलाया जा रहा था। पुलिस ने डॉक्टर समेत कुल 3 आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा।
कार्रवाई के दौरान मौके से 3.764 किलोग्राम कच्ची एमडी ड्रग्स, नशीला पदार्थ तैयार करने में प्रयुक्त रसायन, 3.41 लाख रुपए से अधिक की नकदी, उपकरण और एक कार बरामद की गई है।
एग्जाम में नाकामी के बाद अपराध की राह
आईजी विकास कुमार के अनुसार, मुख्य सरगना सुरेश कुमार विश्नोई ग्रेजुएट है। उसने पटवारी, ग्राम सेवक, पुलिस कॉन्स्टेबल, वनरक्षक और सब-इंस्पेक्टर (SI) सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की, लेकिन चयन नहीं हो सका। साल 2022 में वह बेंगलुरु चला गया, जहां उसने एक साथी के साथ मिलकर दवा सप्लाई का काम शुरू किया।
साल 2024 में गांव लौटने पर वह तस्करों के संपर्क में आया और रातों-रात अमीर बनने की चाह में एमडी ड्रग्स के काले कारोबार में उतर गया।
सोशल मीडिया बना हथियार, रसोई के बर्तनों से तैयार हुई लैब
सुरेश ने ड्रग्स तैयार करने का पूरा रासायनिक फॉर्मूला और प्रक्रिया YouTube वीडियो देखकर सीखी। दवा सप्लाई के पुराने संपर्कों का फायदा उठाकर उसने प्रतिबंधित केमिकल्स जुटाए। घर पर ही उसने इलेक्ट्रिक बिलौना मशीन, इंडक्शन चूल्हा, बड़ा कांच का जार और थर्मामीटर लगाकर पूरी लैब तैयार कर ली।
छप्पर में चल रही थी डीलिंग, ANTF ने घेरा
ANTF को पुख्ता इनपुट मिला था कि मिठौड़ा में सुरेश अपने घर के पास नशीले पदार्थों की अवैध फैक्ट्री चला रहा है। पुलिस टीम ने जब दबिश दी, तो घर के बाहर बने छप्पर में तीन युवक बैठे मिले।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान:
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सुरेश कुमार विश्नोई (27) — मुख्य निर्माता व संचालक (निवासी मिठौड़ा, बालोतरा)
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डॉ. मुकेश विश्नोई (29) — जालोर जिला अस्पताल में पदस्थापित सरकारी डॉक्टर (निवासी मोदरान, जालोर)
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उत्कर्ष विश्नोई (19) — सहयोगी सप्लायर (निवासी मोदरान, जालोर)
डॉक्टर के रुतबे से होती थी बेखौफ डिलीवरी
जांच में खुलासा हुआ कि तैयार एमडी की खेप को ठिकाने लगाने के लिए सुरेश अपने परिचित डॉ. मुकेश और उत्कर्ष को घर बुलाता था। डॉक्टर होने के चलते रास्तों और नाकों पर किसी को शक नहीं होता था। वे अपनी कार से बालोतरा, जालोर, सिवाना और आसपास के क्षेत्रों में आसानी से ड्रग्स की डिलीवरी कर देते थे।
कार्रवाई के वक्त भी दोनों आरोपी नई खेप उठाने ही पहुंचे थे। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर केमिकल सप्लायर्स और नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े तस्करों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।









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