रानीवाड़ा - सेवाड़ा मंडल का विराट हिन्दू सम्मेलन पातालेश्वर महादेव मंदिर परिसर सेवाड़ा में श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। सम्मेलन में सेवाड़ा मंडल के सभी पाँच गांवों से सनातन प्रेमी हिन्दू महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे सैकड़ों की संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ की गई।
सम्मेलन सेवाड़ा महंत हंसपुरी महाराज, बडगांव महंत लेहर भारती महाराज, गुन्दाऊ महंत चम्पेनाथ महाराज, महादेवानंद सरस्वती, साध्वी सीतागिरी महाराज, शंकरगिरी महाराज, रेवापुरी महाराज एवं दुर्गादास महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ। सभी संत-महात्माओं एवं मुख्य वक्ताओं का शॉल ओढ़ाकर, श्रीफल एवं भारत माता की तस्वीर भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। कार्यक्रम में गायक कलाकार निरंजन वैष्णव एवं पार्टी द्वारा प्रस्तुत भक्ति व देशभक्ति गीतों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दिनेश झाडोली ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिन्दू समाज की शक्ति उसकी एकता और संस्कारों में निहित है। शताब्दी वर्ष का यह संकल्प हर घर में राष्ट्रभक्ति और स्वदेशी की भावना को जागृत करने का है। हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर सशक्त भारत का निर्माण करना होगा।"

जिला संघ चालक डॉ. किशनलाल जोशी ने संघ के शताब्दी वर्ष के लक्ष्यों पर चर्चा करते हुए कहा कि संघ का उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना है। कुटुंब प्रबोधन और नागरिक कर्तव्य ही हमारे समाज के असली आधार हैं। साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष का यह समय समाज को संगठित करने, संस्कृति और संस्कारों को पुनर्जीवित करने का अवसर है। सनातन धर्म हमें एकता, सेवा और राष्ट्रभक्ति का मार्ग दिखाता है।
बडगांव महंत लेहर भारती महाराज ने कहा कि हिन्दू समाज जब संगठित होता है, तब राष्ट्र स्वतः सशक्त बनता है। हमें अपनी परंपराओं, मंदिरों और संस्कारों की रक्षा के लिए निरंतर जागरूक रहना चाहिए।
महादेवानंद सरस्वती ने भारतीय संस्कृति की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन संस्कृति विश्व का कल्याण करने वाली है, युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व करना चाहिए। वहीं उन्होंने कहा कि सनातन धर्म मानवता का धर्म है, जो प्रेम, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।”
कार्यक्रम के अंत में पूर्व सरपंच हिम्मत सिंह ने सभी संतों, वक्ताओं और मंडल के पांचों गांवों से आए हिंदू समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया। इस दौरान व्यवस्थाओं को लेकर कार्यकर्ताओं ने विशेष उत्साह दिखाया और सभी के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई थी। इस मौके पर बड़ी संख्या में हिंदू समाज के समाजबंधु उपस्थित थे।







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