बारिश के मौसम में बरती गई लापरवाही पड़ी भारी; जालोर के रानीवाड़ा में एनडीआरएफ की 6वीं बटालियन ने चलाया त्वरित सर्च ऑपरेशन।
जालोर। मानसून की आहट के साथ ही जलाशयों पर मंडराता खतरा अब हादसों में बदलने लगा है। जालोर जिले की रानीवाड़ा तहसील के सेवाड़ा गांव से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां सेवाड़ा तालाब में डूबे 35 वर्षीय युवक की जीवनलीला समाप्त हो गई। सूचना मिलते ही हरकत में आई राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 15 मिनट के भीतर तालाब की गहराइयों से शव को बाहर निकाल लिया।

सूचना मिलते ही हरकत में आया प्रशासन
जिला प्रशासन जालोर से सूचना मिलते ही 06वीं बटालियन एनडीआरएफ के कमांडेंट सुरेन्द्र सिंह के निर्देशन में 'टीम 6N, ई/06 बटालियन' को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। निरीक्षक अरुण कुमार शर्मा और निरीक्षक अजय सिंह के नेतृत्व में 25 जवानों की टीम (जिसमें 2 विशेषज्ञ डीप डाइवर्स शामिल थे) 55 किलोमीटर का सफर तय कर शाम 5:40 बजे सेवाड़ा तालाब पहुंची।

15 मिनट में मुकम्मल हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
बिना एक पल गंवाए एनडीआरएफ के प्रशिक्षित गोताखोरों ने अत्याधुनिक उपकरणों के साथ पानी में छलांग लगाई। कड़ी मशक्कत के बाद शाम 5:55 बजे मृतक जनक सिंह पुत्र भीम सिंह राजपूत (35 वर्ष) का शव ढूंढ निकाला गया। आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद शाम 6:00 बजे शव को पोस्टमार्टम और अग्रिम जांच के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया।
एनडीआरएफ की अपील:
"वर्षा ऋतु के दौरान नदियां, तालाब और अन्य जलाशय विकराल रूप ले लेते हैं। आमजन इनके किनारे जाने में विशेष सावधानी बरतें और गहरे पानी से दूरी बनाए रखें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन को सूचित करें।"







पाठक टिप्पणियां (Comments)
0 टिप्पणियां