● रानीवाड़ा के सेवाड़ा में प्रशासन की अनूठी पहल: अब बिचौलियों से मिलेगी मुक्ति, सीधे खाते में आएगा कृषि योजनाओं और सब्सिडी का लाभ
● एकीकृत भूमि और किसान रिकॉर्ड से बढ़ी पारदर्शिता; मुख्यमंत्री किसान कल्याणकारी सुविधाओं को समयबद्ध तरीके से पाकर खिले अन्नदाता के चेहरे
रानीवाड़ा/सेवाड़ा। कहते हैं कि जब सरकार की नीतियां और प्रशासन की नीयत साफ हो, तो विकास की किरणें समाज के आखिरी छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन को भी रोशन कर देती हैं। राजस्थान सरकार और जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष ‘ग्रामीण सेवा शिविर’ इन दिनों ग्रामीण अंचलों के लिए खुशहाली का नया पैगाम लेकर आ रहे हैं। ऐसा ही एक प्रेरक और बदलाव की कहानी रचने वाला मामला रानीवाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत सेवाड़ा में देखने को मिला, जहां आयोजित विशेष शिविर के दौरान सुदूर क्षेत्र के जागरूक किसान विक्रम सिंह पुत्र नरपत सिंह राजपूत ने अपना डिजिटल ‘फार्मर रजिस्ट्री’ पंजीकरण करवाकर आत्मनिर्भरता की ओर एक मजबूत कदम बढ़ाया है। यह सिर्फ एक सरकारी फॉर्म का भरा जाना नहीं है, बल्कि एक आम अन्नदाता के सशक्तिकरण की नई इबारत है।
दौड़-भाग से मिली मुक्ति, चेहरे पर लौटी मुस्कान पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थी किसान विक्रम सिंह के चेहरे पर एक अलग ही संतोष और खुशी की चमक दिखाई दी। उन्होंने उत्साहपूर्वक बताया कि अब तक कई तरह के कृषि अनुदान, बीज-खाद पर मिलने वाली सब्सिडी और अन्य किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे और कई जटिल कागजी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था। लेकिन अब इस एकल डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री के पूर्ण हो जाने से उन्हें राज्य और केंद्र सरकार की तमाम छोटी-बड़ी कृषि योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ सीधे प्राप्त हो सकेगा। डिजिटल दुनिया में हुआ यह बड़ा बदलाव उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
पारदर्शिता का नया दौर: न बिचौलियों का डर, न काम में होगी देरी विशेषज्ञों के अनुसार, फार्मर रजिस्ट्री योजना ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था को बदलने वाला एक क्रांतिकारी कदम है। भूमि रिकॉर्ड और किसान की व्यक्तिगत प्रोफाइल का आपस में एकीकृत (Integrate) हो जाने से पूरी व्यवस्था में अभूपूर्व पारदर्शिता आएगी। अब किसी भी योजना का लाभ वास्तविक हकदार तक पहुंचने में न तो कोई देरी होगी और न ही किसी तरह के भ्रष्टाचार या बिचौलियों की गुंजाइश बचेगी। सेवाड़ा पंचायत में लगा यह ग्रामीण शिविर इस बात का जीवंत उदाहरण है कि कैसे तकनीक और सुशासन मिलकर किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहे हैं।
कृतज्ञता: किसान ने जताया राज्य सरकार और प्रशासन का आभार शिविर के सफल आयोजन से गदगद किसान विक्रम सिंह ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन का दिल से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि “पहले कागजों को संभालने और हर योजना के लिए अलग-अलग दौड़-भाग करने में हमारा बहुत समय बर्बाद होता था। अब इस सिंगल विंडो रजिस्ट्री से हमारी जमीन और हमारी पहचान का पूरा रिकॉर्ड एक जगह आ गया है। इस पारदर्शी, सरल और समयबद्ध व्यवस्था के लिए मैं अधिकारियों को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने हमारे गांव में आकर हमें यह बड़ी सौगात दी है।”
शिविर बना ग्रामीणों के लिए उत्सव, अन्य किसानों में भी जगा उत्साह सेवाड़ा में आयोजित इस शिविर के दौरान केवल विक्रम सिंह ही नहीं, बल्कि उनके जैसे दर्जनों किसानों ने प्रशासन की इस जनकल्याणकारी मुहिम का लाभ उठाया। शिविर में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों और कृषि विभाग के तकनीकी सहायकों ने ग्रामीणों को डिजिटल टूल्स के उपयोग और भविष्य में होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जागरूक किया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन का यह रुख बेहद सराहनीय है, जहां अधिकारी खुद चलकर गांव की चौपाल तक आ रहे हैं और मौके पर ही समस्याओं का निस्तारण कर रहे हैं। सेवाड़ा का यह ग्रामीण सेवा शिविर आज पूरे क्षेत्र में प्रेरणा और चर्चा का केंद्र बना हुआ है।



