सर्कल न्यूज़ नेटवर्क/रानीवाड़ा (जालोर)। शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर होम अष्टमी के दिन कस्बे में धार्मिक आस्था और श्रद्धा का अनुपम माहौल देखने को मिला। होम अष्टमी के पावन अवसर पर माहेश्वरी समाज तहसील अध्यक्ष मदन माहेश्वरी के निवास स्थान पर पूरे विधि-विधान और वैदिक परंपरा के साथ कन्या पूजन का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान कन्याओं को मां दुर्गा का साक्षात स्वरूप मानकर उनका पूजन-अर्चन किया गया तथा परिवार व क्षेत्र की खुशहाली, सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना की गई।

पैर पखारकर लगाई कुमकुम, चुनरी ओढ़ाकर किया सम्मान
धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए आयोजन के दौरान सबसे पहले कन्याओं के चरण पखारकर उनका आदर-सत्कार किया गया। इसके बाद कन्याओं के मस्तक और अंगूठों पर कुमकुम का तिलक लगाकर, अक्षत अर्पित किए गए और उनके सिर पर लाल चुनरी ओढ़ाई गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए इस आयोजन में कन्याओं के प्रति अगाध श्रद्धा, वात्सल्य और सेवा भाव साफ झलक रहा था।
विद्या माहेश्वरी ने परोसा स्वरुचि भोज, बांटे उपहार
इस पावन अवसर पर विद्या मदन माहेश्वरी ने अपने हाथों से कन्याओं के लिए विशेष एवं स्वादिष्ट भोजन तैयार करवाया और सभी नन्हीं बालिकाओं को प्रेमपूर्वक भोजन कराया। कन्या भोज के उपरांत सभी कन्याओं को दक्षिणा और आकर्षक उपहार भेंट किए गए, जिससे बालिकाओं के चेहरे खुशी से खिल उठे।
नारी शक्ति और संस्कारों के सम्मान का दिया संदेश
उल्लेखनीय है कि नवरात्र के दौरान कन्या पूजन का सनातन धर्म में विशेष महत्व माना गया है। शास्त्रों के अनुसार कन्याओं में मां जगदंबा के नौ स्वरूपों का वास होता है और अष्टमी के दिन कन्या पूजन से देवी मां शीघ्र प्रसन्न होकर मनोवांछित फल प्रदान करती हैं। माहेश्वरी परिवार द्वारा आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम ने न केवल भारतीय संस्कृति और संस्कारों को जीवंत किया, बल्कि समाज में नारी शक्ति के प्रति सम्मान और आदर का भी सशक्त संदेश दिया।









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