सौर ऊर्जा आज की सबसे बड़ी दरकार, आत्मनिर्भर बनेंगे गांव: नारायणसिंह देवल अतिथियों ने विधि-विधान से की पूजा-अर्चना, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों का लगा जमावड़ा
सर्कल न्यूज नेटवर्क रानीवाड़ा (जालोर)। सीमावर्ती क्षेत्र के सेवाड़ा गांव में शुक्रवार का दिन ऊर्जा विकास के लिहाज से ऐतिहासिक साबित हुआ। गांव में नवनिर्मित अत्याधुनिक सोलर पावर प्लांट का लोकार्पण वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बीच संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल एवं पूर्व मंत्री अर्जुनसिंह देवड़ा ने फीता काटकर प्लांट का उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रशासनिक अमले, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की भारी मौजूदगी से समारोह में खासा उत्साह देखा गया।

समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल ने कहा कि सौर ऊर्जा वर्तमान समय की सबसे अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए अक्षय ऊर्जा ही एकमात्र विकल्प है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में कुदरत ने भरपूर धूप की सौगात दी है, जिसका सही उपयोग कर हम अपने गांवों को ऊर्जा के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बना सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे पर्यावरण के संतुलन के लिए सौर ऊर्जा अपनाने के साथ-साथ सघन पौधरोपण भी करें।
पूर्व मंत्री अर्जुनसिंह देवड़ा ने कहा कि सुदूर ग्रामीण अंचलों में ऐसे प्रोजेक्ट्स लगने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर खुलते हैं और आधारभूत ढांचे का विकास तेज होता है। उद्घाटन के बाद सभी अतिथियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे प्लांट परिसर का मुआयना किया और तकनीकी विशेषज्ञों से बिजली उत्पादन व ग्रिड सप्लाई की कार्यप्रणाली समझी। ग्रामीणों ने साफा व माला पहनाकर अतिथियों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया।

इस अवसर पर उपखंड अधिकारी सुनील कुमार, पुलिस उपाधीक्षक सुखराम बिश्नोई, हेम सिंह सोलंकी, रघुवीर सिंह आजोदर, हेमेन्द्र सिंह, हेमाराम बिश्नोई, जयकिशन जांगू, नरेश जोशी, प्रकाश जांगू, गंगा सिंह सुरावा, अर्जुन सिंह सेवाड़ा, रडमल सिंह, जुझार सिंह सेवाड़ा, सहीराम बिश्नोई, भवानी सिंह सुरावा, गोविंद रावल, भजन लाल बिश्नोई, खेदा राम सुथार सहित आसपास की ढाणियों व गांवों से बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
सौर ऊर्जा योजनाएं — किसानों व आमजन के लिए वरदान
- पीएम कुसुम योजना (PM-KUSUM): खेतों में सोलर पंप लगाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार की ओर से 60% तक का अनुदान दिया जाता है, जिससे सिंचाई की लागत शून्य के बराबर हो जाती है।
- पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: घरेलू उपभोक्ताओं की छतों (Rooftop) पर 1 से 3 किलोवाट तक के सोलर पैनल लगाने पर ₹30,000 से ₹78,000 तक की सीधी सब्सिडी मिलती है, जिससे हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली हासिल की जा सकती है।
- बंजर भूमि पर आय का जरिया: किसान अपनी अनुपयोगी या बंजर जमीन को सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने वाली कंपनियों को लीज (किराए) पर देकर नियमित सालाना आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।
- ग्रीन एनर्जी से फायदा: सोलर अपनाने से पारंपरिक बिजली बिलों में 80 से 90 प्रतिशत तक की कटौती होती है और अतिरिक्त बनने वाली बिजली को वापस ग्रिड में बेचकर शुद्ध मुनाफा भी कमाया जा सकता है।









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