गोगुंदा (उदयपुर), 4 अक्टूबर 2026। मेवाड़ की जिस पावन धरती पर वर्ष 1572 में महाराणा प्रताप का राजतिलक हुआ था, वहाँ रविवार को सेवा और स्वच्छता का अनूठा नज़ारा देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ऐतिहासिक '#VadnagarToVaranasi #SevaSankalpYatra' के अंतर्गत गोगुंदा स्थित महाराणा प्रताप की राजतिलक स्थली पर वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया।

भाजयुमो प्रदेश महामंत्री लोकेन्द्र सिंह रैथालिया के साथ बड़ी संख्या में सेवा यात्रियों और कार्यकर्ताओं ने ऐतिहासिक बावड़ी सहित पूरे परिसर में साफ-सफाई कर श्रमदान किया। हाथों में झाड़ू और फावड़े लिए कार्यकर्ताओं ने परिसर को पूरी तरह स्वच्छ किया।
सफाई के बाद लोकेन्द्र सिंह रैथालिया और सभी सेवा यात्रियों ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का दूधाभिषेक किया और श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके स्वाभिमान और शौर्य को याद किया। अरावली की वादियों में यह भाव गूंज उठा: "गोगुंदा की धरती आज भी कहती है, जिस वीर ने झुकना नहीं सीखा, वही महाराणा प्रताप कहलाया।"
गोगुंदा मेवाड़ के इतिहास की अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहर है। वर्ष 1572 में महाराणा उदयसिंह के निधन के बाद इसी धरा पर महाराणा प्रताप का राजतिलक हुआ था। यात्रियों ने कहा कि यह अभियान केवल स्वच्छता का प्रयास नहीं, बल्कि अपनी ऐतिहासिक विरासत, वीरता और गौरवशाली परंपराओं के प्रति सम्मान का संकल्प है। अरावली की हर चट्टान में महाराणा प्रताप की वीरता की गूंज है और यह उस स्वाभिमानी योद्धा को विनम्र प्रणाम है।
सेवा, स्वच्छता और सामाजिक सहभागिता का संदेश लेकर 'सेवा संकल्प यात्रा' अब अपने अगले पड़ाव की ओर बढ़ रही है।
(प्रेस विज्ञप्ति: हर्षित तिवाडी, प्रदेश मीडिया प्रभारी, भाजयुमो राजस्थान)









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