सामाजिक सरोकार की अनूठी मिसाल: रेवदर के भारती हॉस्पिटल ने बचाई कई गरीब परिवारों की जेब, बिना चीरा-टांका सामान्य प्रसव कराकर दिया मानवता का संदेश
रेवदर। चिकित्सा के क्षेत्र में जहाँ आज व्यावसायिकता हावी होती जा रही है, वहीं सिरोही जिले के रेवदर स्थित भारती हॉस्पिटल एवं सोनोग्राफी सेंटर के डॉक्टरों ने सामाजिक सरोकार की एक अनूठी और प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। गंभीर और सिजेरियन (ऑपरेशन) के लिए रेफर किए गए मामलों में डॉक्टरों की टीम ने न केवल बेहद कम खर्च में नॉर्मल डिलीवरी करवाई, बल्कि कई जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत भी दी है।
सोशल मीडिया के छलावे से बचाया
हाल ही में धाण गाँव के एक चौधरी परिवार की महिला के परिजन इंस्टाग्राम पर रील्स बनाने वाली एक नर्स के बहकावे में आकर रेवदर पहुंचे थे। ऐन वक्त पर जब नर्स ने हाथ खड़े कर मरीज को आगे रेफर कर दिया, तब घबराए परिजन सीधे भारती हॉस्पिटल पहुंचे। वहाँ मौजूद डॉ. भार्गव देवासी ने त्वरित सूझबूझ दिखाते हुए मात्र कुछ ही मिनटों में सामान्य प्रसव (नॉर्मल डिलीवरी) करवाकर मानवता का परिचय दिया।
दूर-दूर से उम्मीद लेकर आ रहे लोग
अस्पताल की साख और डॉक्टरों के सेवा भाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लोग सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर यहाँ पहुँच रहे हैं:
- अहमदाबाद से 300 किमी का सफर: प्रजापत समाज की एक महिला को अहमदाबाद के निजी अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन की बात कही गई थी। डरे हुए परिजन 300 किलोमीटर का सफर तय कर रेवदर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने एकदम नॉर्मल डिलीवरी करवाई।
- भीनमाल से लौटे: गोलाना (जालौर) की कलबी समाज की महिला को भी भीनमाल में ऑपरेशन की सलाह दी गई थी, लेकिन डॉ. भार्गव देवासी ने बिना चीरे और बिना टांके के सामान्य प्रसव करवाकर सबको हैरत में डाल दिया।
- उदयपुर रेफर केस में राहत: सिरोही अस्पताल से उदयपुर रेफर की गई प्रजापत समाज की एक अन्य महिला को भी परिजनों ने भरोसे के साथ भारती अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने इस भरोसे को कायम रखा।
कमजोर तबके के लिए बने मददगार
भारती हॉस्पिटल की टीम ने विभिन्न समाजों की आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद महिलाओं के लिए निःशुल्क या नाममात्र के शुल्क पर प्रसव सेवाएं दी हैं:
- निःशुल्क डिलीवरी: निंबोड़ा और वासन की कोली समाज की महिलाओं का पूरी तरह निशुल्क नॉर्मल प्रसव करवाया गया।
- मात्र 2 हजार में प्रसव: जामोतरा (सिरोही) व नवारा बावली की मेघवाल समाज, लुनोल और गुलाबगंज के जोगी समाज, तथा दांतराई गाँव के भील समाज की महिलाओं की मात्र ₹2000 के न्यूनतम खर्च में नॉर्मल डिलीवरी करवाकर बड़ी राहत प्रदान की गई।
प्रेरणा संदेश : > चिकित्सा का असली धर्म पैसा कमाना नहीं, बल्कि संकट के समय मरीज को सही और सुलभ इलाज देना है। जब बड़े-बड़े शहरों के अस्पताल सिजेरियन का डर दिखाकर रास्ते बंद कर देते हैं, तब रेवदर के डॉक्टरों का यह सेवा भाव ग्रामीण अंचल के लिए एक बड़ा संबल बनकर उभरता है।



