रजनी पाटिल के रिटायरमेंट से खाली हुई कुर्सी पर राजस्थान के डांगी का कब्जा; दिल्ली के गलियारों में राजस्थान का सियासी वजन बढ़ा
दिल्ली के राजनीतिक पावर कॉरिडोर्स से इस वक्त की सबसे बड़ी और धमाकेदार खबर सामने आ रही है। कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने संगठन और उच्च सदन के तगड़े रणनीति-विशेषज्ञ, राजस्थान के राज्यसभा सांसद नीरज डांगी पर बड़ा दांव खेला है। पार्टी हाईकमान ने उन्हें राज्यसभा में कांग्रेस पार्टी का 'व्हिप' (सचेतक) नियुक्त कर दिया है।
यह अहम नियुक्ति महाराष्ट्र की वरिष्ठ नेत्री श्रीमती रजनी अशोकराव पाटिल का कार्यकाल पूरा (सेवानिवृत्ति) होने से रिक्त हुए पद पर की गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं कांग्रेस संसदीय दल के मुख्य सचेतक (Chief Whip) जयराम रमेश ने गुरुवार (6 अगस्त) को पत्र जारी कर इस भारी-भरकम जिम्मेदारी की आधिकारिक घोषणा की।
जैसे ही दिल्ली से यह खबर बाहर आई, राजस्थान कांग्रेस और सिरोही-जालौर क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई।
सदन में हर 'फ्लोर मैनेजमेंट' साधेंगे डांगी
संसदीय व्यवस्था में 'व्हिप' का पद महज औपचारिकता नहीं, बल्कि पार्टी की रीढ़ की हड्डी माना जाता है। व्हिप का काम सदन के भीतर पार्टी सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करना, अहम विधेयकों पर पार्टी लाइन तय करना, फ्लोर मैनेजमेंट और हाईकमान के आदेशों का शत-प्रतिशत पालन कराना होता है।
अब राज्यसभा में कांग्रेस का अनुशासन संभालने और महत्वपूर्ण सियासी मुद्दों पर विपक्षी घेराबंदी की कमान सीधे तौर पर नीरज डांगी के हाथों में होगी।
प्रोफाइल: सिविल इंजीनियर से राज्यसभा के 'रणनीतिकार' तक का सफर
- इंजीनियरिंग की डिग्री और राजनीति का सफर: 4 नवंबर 1970 को जन्मे नीरज डांगी पेशे से बी.ई. (सिविल इंजीनियर) हैं। उन्होंने कर्नाटक के प्रसिद्ध संस्थान 'एनआईटी सुरथकल' (NIT Surathkal) से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है।
- विरासत में मिली राजनीति: नीरज डांगी राजस्थान के कद्दावर नेता और पूर्व राज्य मंत्री स्व. दिनेश राय डांगी के सुपुत्र हैं। राजनीति उन्हें विरासत में मिली, लेकिन अपनी सादगी और संगठन क्षमता के दम पर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।
- सिरोही से दिल्ली की संसद तक: सिरोही जिले के रेवदर (SC) विधानसभा क्षेत्र से चुनावी राजनीति की शुरुआत करने वाले डांगी लंबे समय से राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) में मुख्य महासचिव और AICC के सक्रिय सदस्य की भूमिका निभाते रहे हैं।
- सदन में 100% परफॉर्मेंस: पहली बार जून 2020 में राजस्थान से राज्यसभा सांसद चुने गए डांगी जून 2026 में पुनः उच्च सदन पहुंचे। संसद में उनकी उपस्थिति (लगभग 92% से अधिक) और जनहित के मुद्दों पर तीखे सवालों के लिए उन्हें संसदीय चर्चाओं में बेहद गंभीर और अध्ययनशील सांसद माना जाता है।
"हाईकमान ने जो विश्वास मुझ पर जताया है, उस पर खरा उतरना ही मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। राज्यसभा में जनहित के मुद्दों को पूरी ताकत से उठाना और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों का अक्षरश: पालन कराना मेरी जिम्मेदारी है।" — नीरज डांगी, नवनियुक्त व्हिप (कांग्रेस संसदीय दल, राज्यसभा)







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