राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील की बैठक: महात्मा गांधी स्कूलों के सरप्लस कार्मिकों की काउंसलिंग और वेतन विसंगति पर हुआ मंथन, अलवर सम्मेलन की बनी रणनीति
भीनमाल/जसवंतपुरा (तवाव)। शिक्षा विभाग में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और शिक्षकों के हितों को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील उप शाखा जसवंतपुरा ने रविवार को जोरदार आवाज बुलंद की। राउमावि तवाव में उप शाखा अध्यक्ष बीरबलसिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि यदि शिक्षा का स्तर सुधारना है, तो शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों के बोझ से मुक्त करना होगा।
इन प्रमुख मांगों पर हुआ मंथन बैठक में शिक्षकों के ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और सरकार से निम्नलिखित मांगों पर त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई:
- पेंशन और सेवा नियम: पुरानी पेंशन योजना (OPS) और आरसीएस (RCS) को यथावत रखा जाए, ताकि कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित रहे।
- गैर-शैक्षणिक कार्य: शिक्षकों का मूल काम पढ़ाना है, उन्हें अन्य प्रशासनिक और सर्वे कार्यों से पूरी तरह मुक्त किया जाए।
- बीएलओ मानदेय: बीएलओ सहायक कार्य के लिए शिक्षकों को उचित और सम्मानजनक मानदेय दिया जाए।
- एमजी स्कूल सरप्लस कार्मिक: महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों (अंग्रेजी माध्यम) में सरप्लस हुए कार्मिकों को काउंसलिंग के जरिए हिंदी माध्यम स्कूलों में पुनर्नियुक्ति दी जाए। साथ ही उनकी पोस्टिंग और वेतन वितरण की विसंगतियों को दूर कर सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अलवर सम्मेलन में दिखाएंगे ताकत बैठक के दौरान संगठन को मजबूती देने के लिए सदस्यता अभियान पर भी रणनीति बनाई गई। पदाधिकारियों ने आगामी दिनों में अलवर में होने वाले राज्य स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन में जसवंतपुरा उप शाखा से अधिक से अधिक शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
ये रहे मौजूद कार्यक्रम के अंत में मीडिया प्रभारी रमेश कुमार डेला ने सभी का आभार व्यक्त किया। बैठक में पीईईओ तवाव हेमंत बिश्नोई, जिलाध्यक्ष लादूराम बिश्नोई, अशोक खान, महिला मंत्री सुमन शेखावत, संगठन मंत्री सतिराम गोदारा, मंत्रालयिक प्रतिनिधि प्रवीण आनंद, उपाध्यक्ष विद्या सोनी, मनोज दवे, गोविंद, खेमाराम, सरोज, श्वेता राजावत, मुक्ति मीणा, नीलम मीणा, सुमन नेहरा, सरोज रानी और नीलम सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।







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