जालोर/रानीवाड़ा। राजस्थान की वीर प्रसूता धरा और स्वर्णगिरी की छाया में बसे जालोर जनपद की देवनगरी श्री कोटड़ा नगर में आज भक्ति और वैभव का वो संगम होने जा रहा है, जो इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज होगा। वि.सं. 2082 फाल्गुण सुदी 3, शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को श्री पातालेश्वर महादेव जी के नवनिर्मित मंदिर में भव्यातिभव्य प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की पूर्णाहूति होगी।
यह महोत्सव न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक एकजुटता और दानवीरता की दृष्टि से भी समूचे जिले में 'मिसाल' बन गया है। कोटड़ा गांव के प्रवासी करोड़पतियों और अरबपतियों ने आस्था की ऐसी गंगा बहाई है कि यहाँ हुआ करोड़ों का चढ़ावा पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।

वीआईपी मूवमेंट: दिग्गज थामेंगे कोटड़ा की चौखट
आज के मुख्य समारोह में सत्ता और संगठन के शीर्ष चेहरे शिरकत करेंगे। अतिथियों की सूची में:
- कैबिनेट मंत्री: जोगाराम पटेल (कानून मंत्री), के.के. विश्नोई (राज्य मंत्री), सुखराम विश्नोई (पूर्व मंत्री)।
- सांसद: लुम्बाराम चौधरी (जालोर-सिरोही), बद्रीराम जाखड़ (पूर्व सांसद), देवजी एम. पटेल (पूर्व सांसद)।
- विधायक: रतन देवासी (रानीवाड़ा), जीवाराम चौधरी (सांचौर), अरुण चौधरी (पचपदरा), छगन सिंह राजपुरोहित, जोगेश्वर गर्ग।
- अन्य वरिष्ठ: पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी, पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल, पूर्व विधायक पूराराम चौधरी, भाजपा किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चौधरी एवं पुलिस महानिरीक्षक राजेश मीणा (IPS)।

॥ आस्था के आधार स्तंभ: प्रमुख लाभार्थी ॥
महोत्सव की भव्यता इन दानदाताओं के समर्पण से झलकी है:
मुख्य शिखर कलश, ध्वजा एवं शिवलिंग स्थापना
- शिखर कलश (ईण्डा) व अमर ध्वजारोहण: ओपोणी कलबी बोका परिवार, कोटड़ा।
- श्री शिवलिंग स्थापना: ओपोणी कलबी बोका परिवार (श्री भगवानाजी, चमनाजी, गणेशाजी, नरसाजी, लसाजी, महादेवाजी, वरधाजी एवं समस्त परिवार)।
- शिवलिंग पर नाग/छत्र: श्री पुनमारामजी एवं श्री लक्ष्मणारामजी।

यज्ञ एवं महाप्रसाद (भोजन) लाभार्थी
- महारुद्र यज्ञ मुख्य यजमान व नवकारसी बन्दीला: श्रीमान् दुर्गारामजी सुपुत्र श्री लालारामजी गोदारा (जाट परिवार)।
- साधु-संतों का बहुमान व भेंट पूजा: श्रीमान् दुर्गारामजी गोदारा (जाट परिवार)।
- हवन यजमान: समस्त अमराणी सारण परिवार, कोटड़ा।
मूर्ति स्थापना एवं मंदिर श्रृंगार
- श्री गणपति मूर्ति स्थापना: बिश्नोई श्रीमान् वरिगांरामजी, बाबूलालजी सुपुत्र स्व. श्री जीवाजी गोदारा।
- शिव परिवार (विटानमाल): श्रीमान् साजनरामजी सुपुत्र श्री हुकमारामजी एवं जगमालजी सुपुत्र श्री नैनारामजी गोदारा।
- श्री हनुमानजी मूर्ति: श्री हरीरामजी गुरु सुपुत्र श्री मेघारामजी बिश्नोई एवं समस्त गुरु परिवार।
- रंगमण्डप श्रृंगार (मुख्य ईण्डा): बिश्नोई पूराणी गोदारा परिवार (श्री रामुरामजी, विरधारामजी सुपुत्र श्री पूरारामजी)।

विशिष्ट सेवाएँ
- हेलिकॉप्टर पुष्पवर्षा: श्रीमान् गंगाराम, भलाराम सुपुत्र स्व. श्री हीरारामजी बिश्नोई।
- आमंत्रण पत्रिका: प्रजापति डिडवाणीया परिवार (श्री गजुराम, रमेश कुमार, गौतम कुमार)।
- तोरण वंदन: बिश्नोई श्री मांगीलाल जी सुपुत्र आसुरामजी खावा।
- जल सेवा: बिश्नोई श्री खंगारारामजी, फगलुरामजी सुपुत्र श्री पोकराजी खिचड़।
- अतिथियों का स्वागत: बिश्नोई खिचड़ परिवार एवं समस्त लाभुओंणी गोदारा परिवार।
सांस्कृतिक संध्या: सुरों की सरिता और अग्नि नृत्य
गुरुवार रात आयोजित भजन संध्या में किशोर पालीवाल, छगन देवासी और शंकर बिश्नोई ने भजनों की प्रस्तुति दी। विशेष आकर्षण जसनाथ आसन (पांचला सिद्धा) के सिद्ध पुरुषों द्वारा किया गया विश्व प्रसिद्ध अग्नि नृत्य रहा, जिसने उपस्थित हज़ारों श्रद्धालुओं को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।
आज के कार्यक्रम
आज प्रातः अभिजीत वेला में मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके पश्चात शिखर पर कलश और ध्वजा चढ़ाई जाएगी। दोपहर में महाआरती, पूर्णाहूति और 'फले चुन्दड़ी' के साथ महाप्रसाद (भंडारा) का आयोजन होगा, जहाँ समस्त क्षेत्र के लोग इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे।
उपस्थिति की अपील: समस्त ग्रामवासी कोटड़ा एवं आयोजक मंडल ने सभी धर्मप्रेमियों को इस पावन अवसर पर सपरिवार आमंत्रित किया है।







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