सेवाड़िया। निकटवर्ती राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सेवाड़िया में शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर श्रद्धा, उल्लास और भारतीय सनातन संस्कृति के अनुपम मूल्यों की त्रिवेणी देखने को मिली। विद्यालय परिसर में कन्या पूजन एवं कृष्ण भोग कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसका मुख्य आकर्षण बालकों द्वारा बालिकाओं के प्रति प्रदर्शित अद्वितीय सम्मान का भाव रहा।
आज के बदलते सामाजिक परिवेश में बालकों के मन में नारी शक्ति और बालिकाओं के प्रति मां जगदम्बे का स्वरूप देखने की दृष्टि विकसित करने के उद्देश्य से एक प्रेरणादायी पहल की गई। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्रों ने बालिकाओं के चरण गो-दुग्ध से धोए, उनका मंगल कुंकुम से तिलक कर पूजन किया और उन्हें सप्रेम उपहार भेंट किए।
विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहम्मद नासिर ने कहा कि कन्या पूजन जैसे आयोजनों से विद्यार्थियों में अपनी मूल संस्कृति के प्रति गौरव जागृत होता है और नैतिक गुणों का सिंचन होता है। उन्होंने बताया कि शारीरिक शिक्षक आसुराम सेन, सीमा मीना एवं रेखा मीना के संयोजन में सभी विद्यार्थियों के लिए कृष्ण भोग की समुचित व्यवस्था की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ अध्यापक दरगाराम चौधरी ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में शीलवान और चरित्रवान जैसे मानवीय गुणों की वृद्धि होती है। वहीं शिक्षक वचनाराम ने जोर देकर कहा कि कन्या पूजन कोई आडंबर, दिखावा या औपचारिकता नहीं, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक शिक्षण पद्धति है, जिसका मूल अर्थ सम्मान, समरसता, स्वाभिमान, सुरक्षा और सात्विक भावों का जागरण है।
शारीरिक शिक्षक आसुराम सेन ने इस परंपरा के गहरे सामाजिक एवं मानसिक प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा, "प्राचीन काल में किशोरावस्था में स्वभाव की स्थिरता और विचारों के संयम हेतु यह परंपरा शुरू हुई थी। जब सार्वजनिक रूप से नन्ही बालिका के पैर धोकर पूजन किया जाता है, तो केवल चरण ही नहीं धुलते, बल्कि मन की कलुषता और विकृतियां भी दूर होती हैं। यह नारी सम्मान की दिशा में संस्कार सिंचन का मजबूत प्रयास है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि छात्र जीवनपर्यंत नारी के आदर का संकल्प लें।"

समारोह के दौरान विद्यालय के 9 होनहार और अनुशासित छात्र-छात्राओं को भामाशाह दीपेशकुमार सेन की ओर से पारितोषिक स्वरूप विद्यालय पोशाक (ड्रेस) भेंट की गई।
इस गरिमामय अवसर पर प्रागाराम पुरोहित, रमेश कुमार परमार, रमेशचंद्र पुरोहित, हरजीराम मेघवाल, सीमा मीना, रेखा मीना और निशा प्रजापत सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।










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