मदन राठौड़ के विवादित बयान पर भड़की कांग्रेस: जालोर में कलेक्ट्रेट के सामने फूंका पुतला, जवानों के सम्मान को लेकर आर-पार की जंग
जालोर। राजस्थान में राजनीतिक बयानबाजी को लेकर सियासी पारा एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुंच गया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के कथित पाकिस्तान-प्रेम और देश के जांबाज सैनिकों के शौर्य को लेकर दिए गए विवादित बयान के खिलाफ कांग्रेस ने सड़कों पर उतरकर मोर्चा खोल दिया है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी जालोर ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर उग्र प्रदर्शन करते हुए मदन राठौड़ का पुतला दहन किया।
कलेक्ट्रेट के सामने गरजा कांग्रेस का आक्रोश रविवार सुबह करीब 11:00 बजे जिले भर से कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी जिला कलेक्ट्रेट परिसर के सामने एकत्रित होने लगे। देखते ही देखते कलेक्ट्रेट का मुख्य द्वार नारों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की कार्यशैली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सेना के पराक्रम पर सवाल उठाना और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी करना सीधे तौर पर देश के सम्मान को ठेस पहुंचाना है। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मदन राठौड़ का पुतला जलाकर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
'जवानों के शौर्य पर राजनीति बर्दाश्त नहीं' जिला प्रवक्ता योगेन्द्र सिंह कुंपावत ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि सेना के शौर्य, पराक्रम और शहादत पर राजनीति करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि सरहद पर शून्य डिग्री तापमान और गोलियों के साये में देश की रक्षा करने वाले जवानों के सम्मान पर कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता। किसी भी जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा और सैनिकों को लेकर बयान देते समय संवेदनशीलता रखनी चाहिए।
वरिष्ठ नेताओं और पार्षदों का लगा जमावड़ा इस विरोध प्रदर्शन में जिले के तमाम प्रमुख नेताओं ने एकजुटता दिखाई। पुतला दहन व सभा में पूर्व जिलाध्यक्ष नैन सिंह राजपुरोहित, नगर परिषद सभापति बंशीलाल माली तथा उपसभापति मुमताज अली सैय्यद की अगुवाई में भारी संख्या में पार्षद व कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से पार्षद बसंत सुथार, सुरेश मेघवाल, हरीश परमार, मंगलाराम माली, किशन सुन्देशा, रिंकू देवी मेघवाल, अनिल पंडत, शीला चौधरी, देवाराम सांखला, महेन्द्र सोनगरा, पवन दवे, अयुब शेख, रज्जब खोखर, वाहिद मेहर, ओमप्रकाश चौधरी, अशोक मेघवाल, विनोद कुमार वैष्णव, महावीर सिंह भाटी और उम्मेद सिंह चारण सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व आमजन मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस तरह के आपत्तिजनक बयानों पर सार्वजनिक माफी नहीं मांगी गई, तो यह आंदोलन केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे उपखंड और ब्लॉक स्तर तक ले जाया जाएगा।










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