सांचौर। Circle News Network
नर्मदा नहर की सभी वितरिकाओं में रबी की बुवाई के लिए पानी छोड़ने की मांग को लेकर किसानों का आक्रोश फूट पड़ा है। गुरुवार, 15 अक्टूबर को किसान डिग्गी यूनियन और वितरिका अध्यक्षों ने नर्मदा नहर के अधिशासी अभियंता (XEN) महेश मीणा को संयुक्त ज्ञापन सौंपकर 20 अक्टूबर से सभी वितरिकाओं में एक साथ पानी प्रवाहित करने की मांग उठाई है। किसानों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 25 अक्टूबर तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो आगामी 2 नवंबर को नर्मदा नहर कार्यालय पर हजारों किसान जुटकर महापड़ाव और उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगे।

बाराबंदी बंद कर एक साथ पानी चलाने की मांग नर्मदा नहर किसान डिग्गी यूनियन के अध्यक्ष ईशराराम बिश्नोई ने बताया कि नर्मदा नहर के चेयरमैन राव मोहन सिंह चितलवाना के नेतृत्व में वितरिका अध्यक्षों और किसान पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित हुई। बैठक के बाद सौंपे गए ज्ञापन में प्रमुख मांग रखी गई कि 20 अक्टूबर से सभी वितरिकाओं में बिना किसी बाराबंदी के एक साथ पानी चलाया जाए, जिससे प्रत्येक किसान को समय पर सिंचाई के लिए पानी मिल सके।
पाइपलाइन ठीक होने तक न काटे जाएं लड़े डिग्गी यूनियन अध्यक्ष ने प्रशासनिक अनदेखी पर नाराजगी जताते हुए मांग की कि जब तक ‘जल जीवन मिशन’ द्वारा नर्मदा नहर की काटी गई सभी पाइपलाइनों की मरम्मत पूरी नहीं कर दी जाती, तब तक नहरों पर लगाए गए लड़े किसी भी स्थिति में न काटे जाएं। उन्होंने कहा कि समय पर पानी नहीं मिलने से किसानों की फसल बुवाई प्रभावित होगी, जिसकी पूरी जवाबदारी नर्मदा प्रशासन की होगी।
ज्ञापन के दौरान ये किसान प्रतिनिधि रहे मौजूद ज्ञापन सौंपते समय चेयरमैन राव मोहनसिंह चितलवाना, डिग्गी यूनियन अध्यक्ष ईशराराम बिश्नोई, प्रधान प्रतिनिधि हिंदू सिंह दूठवा, बालेरा अध्यक्ष केसर सिंह सरवाना, वांक वितरिका अध्यक्ष महावीर सिंह दांतिया, जैसला वितरिका अध्यक्ष विरध सिंह, पनोरिया अध्यक्ष पूनमाराम, भदराई अध्यक्ष हेमाराम जाट, केरिया वितरिका अध्यक्ष जय राम गोरा, डिग्गी यूनियन के विरद सिंह चौहान, और नर्मदा नहर उपभोक्ता समिति के अध्यक्ष रघुनाथ गोदारा सहित बड़ी संख्या में किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।









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