कोटड़ा। बस्ते का बोझ हटा तो स्कूल में लोकतंत्र का उत्सव सज गया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोटड़ा में शनिवार नो-बैग डे गतिविधि के तहत आज बाल सरपंच चुनाव हुआ। असली चुनाव की तर्ज पर हुए इस मुकाबले में कक्षा 12 के दिलीप कुमार ने कुल 178 मतों में से 72 मत हासिल कर बाल सरपंच का पद जीत लिया।
कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने किया मतदान
इस चुनाव में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। गतिविधि का मुख्य उद्देश्य बच्चों को लोकतांत्रिक व्यवस्था, चुनाव प्रक्रिया, मताधिकार के महत्त्व और एक-एक मत की कीमत से परिचित कराना था।
7 प्रत्याशी मैदान में, मतपत्र पर NOTA भी
चुनाव में कुल सात प्रत्याशी मैदान में थे। मतपत्र पर नोटा (NOTA) का विकल्प भी रखा गया, ताकि विद्यार्थियों को इस व्यवस्था की जानकारी मिल सके। प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों को प्रत्याशियों, चुनाव चिह्नों, मतपत्र, मतदान और मतगणना के बारे में बताया गया। बच्चों ने मतदान कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया और लोकतंत्र में हर मत का महत्त्व समझा।
क्यों करवाया गया यह चुनाव?
अक्सर देखा जाता है कि जानकारी के अभाव में कई मतदाता मतपत्र पर गलत तरीके से निशान लगा देते हैं, जिससे उनका मत अवैध घोषित हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में वास्तविक चुनाव प्रक्रिया के अनुरूप यह आयोजन किया गया, ताकि विद्यार्थी मतदान प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझें और भविष्य में जागरूक और जिम्मेदार मतदाता बन सकें।
लोकतांत्रिक मूल्यों की मिली सीख
यह गतिविधि विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रही। उन्हें चुनाव प्रक्रिया का व्यावहारिक ज्ञान मिला, साथ ही लोकतांत्रिक मूल्यों, निष्पक्ष मतदान, जागरूक नागरिकता और अपने अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा भी मिली।
विद्यालय का यह प्रयास बच्चों में लोकतांत्रिक चेतना विकसित करने और उन्हें भविष्य का जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।









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