सिरोही। लंबे अरसे से वन विभाग में अटकी पड़ी सालगांव बांध परियोजना को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दिखा दी है। करीब 50 साल से रुकी इस महत्वपूर्ण जल परियोजना को अब धरातल पर उतारने के रास्ते साफ हो गए हैं। इस सफलता में क्षेत्रीय सांसद लुम्बाराम चौधरी की लगातार मेहनत और ताकतवर पैरवी को अहम माना जा रहा है।
सांसद लुम्बाराम चौधरी ने बताया कि राज्य वन्यजीव बोर्ड ने सालगांव बांध परियोजना को मंजूरी दी है और इसे केंद्रीय वन्यजीव बोर्ड को भेजा गया है। अब केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना की वास्तविक शुरुआत हो सकेगी।

माना जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समय तो बजट आवंटित हुआ था और टेंडर भी जारी हुए थे, लेकिन वन विभाग से एनओसी न मिलने के कारण गोदिगिरी लंबित रही। सत्ता परिवर्तन के बाद सांसद लुम्बाराम चौधरी ने परियोजना को नई दिशा दी। उन्होंने वन्यजीव बोर्ड से मंजूरी दिलाई और लोकसभा में सवाल उठाकर केंद्र से शीघ्र स्वीकृति दिलाई।
सांसद लुम्बाराम चौधरी के प्रयासों से सिरोही क्षेत्र को अब रेल नेटवर्क से जोड़ना, गुलाबगंज-माउंट आबू सड़क के लिए 205 करोड़ रुपये का बजट और माउंट आबू की प्यास बुझाने वाली सालगांव बांध परियोजना जैसी कई बड़ी उपलब्धियां मिली हैं। उन्होंने कहा, "लोकल ही लोकल होता है, जो जमीन की पीड़ा समझता है वही असली सेवक कहलाता है।"
इस मंजूरी के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि सिरोही और माउंट आबू के विकास में तेजी आएगी और स्थानीय लोगों को सीधी राहत मिलेगी। डबल इंजन सरकार की योजनाएं क्षेत्र के विकास को नई ऊँचाइयों पर ले जाने में सहायक साबित होंगी।
सर्कल न्यूज नेटवर्क, सिरोही ब्यूरो
दिनांक: बुधवार, 23 जुलाई 2025







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