3.5 करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य; देश भर में 200 स्थानों पर होंगे क्षेत्रीय कार्यक्रम
जयपुर/जोधपुर। देश में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने और युवाओं को सामाजिक सुरक्षा का कवच प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने एक बड़ी पहल की है। सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY)—जिसे पहले 'एम्प्लॉयमेन्ट लिंक्ड इंसेटिव' (ELI) योजना के नाम से जाना जाता था—के तहत आगामी 19 जून 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में पात्र लाभार्थियों को लगभग ₹2,400 करोड़ की राशि का वितरण किया जाएगा।
इस योजना का मुख्य जोर मैन्यूफेक्चरिंग (विनिर्माण) क्षेत्र पर है। ₹99,446 करोड़ के कुल बजट वाली इस योजना का लक्ष्य दो वर्षों में देश भर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना है, जिसमें से करीब 1.92 करोड़ ऐसे लाभार्थी होंगे जो पहली बार औपचारिक कार्यबल (Formal Workforce) का हिस्सा बनेंगे। योजना के लाभ 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित होने वाले रोजगारों पर लागू हैं।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), जोधपुर के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त 1, डॉ. अजय सिंह चौधरी ने प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 19 जून को नई दिल्ली के मुख्य आयोजन के साथ ही देश भर के प्रमुख औद्योगिक और रोजगार केंद्रों में लगभग 200 स्थानों पर क्षेत्रीय कार्यक्रम भी होंगे, जहां नियोक्ता नए कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे।
जोधपुर और पाली में भी सजेंगे समानांतर कार्यक्रम
जोधपुर और पाली में भी 19 जून को भव्य क्षेत्रीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है:
- जोधपुर: काजरी (ICAR - केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान) के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत मुख्य अतिथि होंगे। वहीं जोधपुर शहर विधायक अतुल भंसाली और सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
- पाली: मरुधर केसरी भवन (महावीर नगर) में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत मुख्य अतिथि, पाली लोकसभा सांसद पी.पी. चौधरी और सोजत विधायक शोभा चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
क्या है प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना?
इस योजना को मुख्य रूप से दो प्रमुख घटकों (भागों) में विभाजित किया गया है, ताकि कर्मचारियों और नियोक्ताओं (मालिकों) दोनों को सीधा फायदा मिल सके:
भाग 'अ' — पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं के लिए प्रोत्साहन
- पात्रता: यह लाभ उन नए कर्मचारियों को मिलेगा जो EPFO में पंजीकृत हैं और जिनका मासिक वेतन ₹1 लाख तक है।
- मिलने वाली राशि: नए कर्मचारियों को उनके एक महीने के वेतन के बराबर (अधिकतम ₹15,000 तक) प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
- किस्तें: यह राशि दो किस्तों में मिलेगी। पहली किस्त लगातार 6 महीने की सेवा पूरी होने पर और दूसरी किस्त 12 महीने की सेवा के साथ-साथ 'वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम' पूरा करने के बाद मिलेगी।
- बचत की आदत: युवाओं में भविष्य के लिए बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा एक निश्चित अवधि के लिए बचत खाते में लॉक (सुरक्षित) रखा जाएगा।
- भुगतान का माध्यम: कर्मचारियों को दी जाने वाली सभी प्रोत्साहन राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे उनके खातों में भेजी जाती है।
भाग 'ब' — नियोक्ताओं (Establishments) के लिए सरकारी सहायता
- पात्रता: नए और अतिरिक्त रोजगार पैदा करने वाले नियोक्ताओं को सरकार वित्तीय सहायता देगी।
- शर्तें: 50 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को कम से कम 2 नए कर्मचारी और 50 से अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को कम से कम 5 नए कर्मचारी जोड़ने होंगे। कर्मचारी का न्यूनतम 6 महीने तक लगातार कार्यरत रहना अनिवार्य है।
- मिलने वाली राशि: नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए ₹3,000 प्रति माह तक का प्रोत्साहन 2 साल की अवधि के लिए दिया जाएगा।
- मैन्यूफेक्चरिंग सेक्टर को विशेष छूट: विनिर्माण क्षेत्र के उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए इस लाभ की अवधि को 2 और वर्षों (यानी कुल 3 और 4 वर्षों) के लिए बढ़ा दिया गया है।
- भुगतान का माध्यम: नियोक्ताओं को मिलने वाला यह प्रोत्साहन सीधे उनके पैन (PAN) से जुड़े बैंक खातों में जमा किया जाता है।
यह योजना न केवल देश में रोजगार के नए अवसर खोलने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मददगार साबित होगी, बल्कि लाखों श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा (EPF लाभ) का दायरा बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी।







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