सर्कल न्यूज नेटवर्क
रानीवाड़ा/मोखातरा:
"द्वंद्व कहां तक पाला जाए, युद्ध कहां तक टाला जाए,
तू भी है राणा का वंशज, फेंक जहां तक भाला जाए!"
हौसले जब चट्टानी हों और इरादों में तपस्या की धार हो, तो मरुभूमि की माटी भी सोना उगलती है। सरहदी अंचल की बेटियां अब घूंघट और बंदिशों की दीवारें लांघकर देश की सर्वोच्च संस्थाओं में अपने हुनर का डंका बजा रही हैं। ऐसा ही गौरवमयी इतिहास रचा है रानीवाड़ा तहसील के गांव मोखातरा की होनहार बेटी सीमा कुमारी विश्नोई ने। सीमा ने अपनी अथक मेहनत, अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प के बूते गुजरात हाईकोर्ट (सोला, अहमदाबाद) में लीगल असिस्टेंट (Legal Assistant) के प्रतिष्ठित पद पर चयनित होकर पूरे मारवाड़ और राजस्थान का मान बढ़ाया है।
सीमा कुमारी मोखातरा के पूर्व सरपंच आसूराम विश्नोई की पोती तथा ओमप्रकाश विश्नोई की सुपुत्री हैं। जब गुजरात हाईकोर्ट भर्ती बोर्ड द्वारा चयन सूची (Select List - No. RC/B/1320/2026 LA) जारी की गई, तो उसमें मेरिट सूची के क्रम संख्या 46 पर सीमा कुमारी का नाम देखकर पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल छा गया।

प्रतिभाएं गांवों की माटी में पनपती हैं, तराशने पर चमकती हैं
अक्सर कहा जाता है कि देश की असली प्रतिभाएं महानगरों की चकाचौंध में नहीं, बल्कि राजस्थान के सुदूर गांवों और ढाणियों की शांत माटी में बसती हैं। अभावों के बीच जब इन प्रतिभाओं को सही दिशा और परिवार का संबल मिलता है, तो वे सफलता के नए प्रतिमान स्थापित करती हैं। सीमा कुमारी ने यह साबित कर दिखाया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो तो भौगोलिक सीमाएं कभी आड़े नहीं आतीं। राजस्थान के ग्रामीण परिवेश से निकलकर पड़ोसी राज्य गुजरात के उच्च न्यायालय में विधिक सेवा के महत्वपूर्ण पद पर चयन पाना उनकी बहुआयामी योग्यता का जीवंत प्रमाण है।
क्या है गुजरात हाईकोर्ट लीगल असिस्टेंट पद और चयन प्रक्रिया?
गुजरात हाईकोर्ट में लीगल असिस्टेंट का पद न्यायिक क्षेत्र में बेहद प्रतिष्ठित और शोधपरक माना जाता है:
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कार्य व भूमिका: लीगल असिस्टेंट मुख्य रूप से हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीशों (Hon'ble Judges) के साथ संबद्ध होकर जटिल कानूनी मामलों के संदर्भ खंगालने, सुप्रीम कोर्ट व विभिन्न उच्च न्यायालयों की रूलिंग्स/केस लॉज पर लीगल रिसर्च करने, केस ब्रीफ व हेडनोट्स तैयार करने तथा न्यायिक कार्य में विधिक सहायता प्रदान करने का दायित्व निभाते हैं।
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पात्रता (Eligibility): इस पद के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से विधि स्नातक (LLB / 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ) की डिग्री अनिवार्य होती है। अभ्यर्थी को कंप्यूटर ज्ञान, बेहतरीन ड्राफ्टिंग और उच्चस्तरीय रिसर्च एनालिटिक्स की समझ होनी चाहिए।
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चयन का आधार: इस भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की बौद्धिक क्षमता, विधिक ज्ञान और तर्कशक्ति का गहन परीक्षण किया जाता है। स्क्रीनिंग/लिखित परीक्षा के उपरांत कड़े मौखिक साक्षात्कार (Viva-voce Test) के माध्यम से अंतिम चयन सूची (150 अंकों के आधार पर) मेरिट अनुसार तैयार की जाती है। सीमा कुमारी ने इस पूरी चयन प्रक्रिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

36 कौम में हर्ष, बधाई देने वालों का लगा तांता
सीमा कुमारी के चयन की खबर मिलते ही मोखातरा, रानीवाड़ा सहित समूचे सांचौर-जालोर क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया। विश्नोई समाज सहित सर्वसमाज (36 कौम) के प्रबुद्धजनों, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों व युवाओं ने उनके पैतृक निवास पर पहुंचकर परिजनों को साफा व मिठाई खिलाकर बधाई दी। ग्रामीणों का कहना है कि सीमा की यह ऐतिहासिक उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र की अन्य बालिकाओं के लिए एक सशक्त प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें उच्च शिक्षा व प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ने का संबल देगी।
क्षेत्रवासियों ने बेटी सीमा कुमारी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे न्यायपालिका के इस महत्वपूर्ण मंच पर अपनी निष्ठा और कानूनी दक्षता से नई ऊंचाइयों को छूएंगी।









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