रेवदर: चिकित्सा जगत में जब भी मानवता और निस्वार्थ सेवा की बात होती है, तो सिरोही जिले के रेवदर स्थित भारती हॉस्पिटल का नाम सबसे ऊपर आता है। यहाँ के प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.एस. भाटी ने अपनी काबिलियत और इंसानियत का ऐसा बेमिसाल परिचय दिया है कि हर कोई दांतों तले उंगलियां दबा रहा है।
पिछले दिनों एक ही रात में 11 गर्भवती महिलाओं की सफल और सामान्य डिलीवरी कराकर उन्होंने चिकित्सा विज्ञान को एक नई राह दिखाई है। ये कोई मामूली घटना नहीं है, बल्कि उस उम्मीद की किरण है, जो उन माताओं को मिली, जिन्हें बड़े-बड़े अस्पतालों ने सिजेरियन ऑपरेशन के लिए मजबूर किया था।

अस्पतालों का 'ऑपरेशन' और डॉ. भाटी की 'ममता'
खबरों के मुताबिक, माउंट आबू की कमला कुँवर, संतोष कुंवर, मनीषा कुंवर और जीजा कुंवर को आबूरोड के अस्पतालों ने सिजेरियन के लिए कह दिया था। इसी तरह, सिरोही की ज्योति देवी को दो हज़ार किलोमीटर का सफर तय करके आना पड़ा क्योंकि उन्हें सामान्य डिलीवरी की आस थी। मोहब्बत नगर की ज्योति देवी के गर्भ में पानी की कमी थी और बच्चा उल्टा था, फिर भी सिरोही के सबसे बड़े हॉस्पिटल ने सिजेरियन की सलाह दी। लेकिन इन सभी माताओं ने डॉ. भाटी के हुनर पर भरोसा किया।
जब बड़े-बड़े अस्पतालों ने सिजेरियन को 'ज़रूरी' बताया, तब डॉ. भाटी ने अपने तजुर्बे से साबित किया कि अगर सही इरादे हों और मरीज की सेहत पहली प्राथमिकता हो, तो कुदरत के रास्ते में कोई रुकावट नहीं आ सकती।
ये हैं वे 11 माताएँ, जिन्हें मिला नई ज़िंदगी का तोहफा:
- कमला कुँवर, पत्नी भूपेंद्र सिंह, निवासी माउंट आबू
- संतोष कुंवर, पत्नी कुंदन सिंह, निवासी माउंट आबू
- मनीषा कुंवर, पत्नी भंवर सिंह, निवासी माउंट आबू
- जीजा कुंवर, पत्नी जबर सिंह, निवासी माउंट आबू
- ज्योति देवी, पत्नी लक्ष्मण कुमार माली, निवासी बालदा वेलांगिरी (सिरोही)
- ज्योति देवी, पत्नी भावा राम वागरी, निवासी मोहब्बत नगर (सिरोही)
- सुगना देवी, पत्नी वीरा राम देवासी, निवासी माकरोड़ा (सिरोही)
- चंदू देवी, पत्नी मुकेश कुमार ग्रासिया, निवासी बाहरीखेड़ा (पिंडवाड़ा)
- लसी देवी, पत्नी आशाराम ग्रासिया, निवासी निचली फली (आबूरोड)
- सुरती देवी, पत्नी प्रकाश कुमार ग्रासिया, निवासी मूलिया खेड़ा (रेवदर)
- लक्ष्मी देवी, पत्नी वगतराम कलबी, निवासी मेर मांडवाडा
इन सभी माताओं की सफल नॉर्मल डिलीवरी करवाकर डॉ. भाटी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सच्ची चिकित्सा सिर्फ़ विज्ञान नहीं, बल्कि सेवा और विश्वास का संगम है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में भारती हॉस्पिटल के प्रति लोगों का भरोसा और भी मजबूत हुआ है।
इंसानियत का मिसाल बनकर उभरे डॉ. भाटी
डॉ. भाटी की टीम ने न सिर्फ इन सभी माताओं की सफल नॉर्मल डिलीवरी करवाई, बल्कि उन्हें बिना किसी चीरा और टांके के, बिना किसी परेशानी के मां बनने का सुख भी दिया। यह सिर्फ एक मेडिकल सफलता नहीं है, बल्कि इंसानियत का वो जज़्बा है जो आज के दौर में कम ही देखने को मिलता है। इस खबर ने साबित कर दिया है कि भारती हॉस्पिटल सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि एक ऐसा इबादतखाना है, जहाँ जिंदगी को मौत के मुंह से खींचकर वापस लाया जाता है।
डॉ. एस.एस. भाटी ने साबित कर दिया है कि वह सिर्फ एक डॉक्टर नहीं, बल्कि एक सच्चा मादरे-इंसान हैं।
Reodar, Rajasthan, India • Update location







पाठक टिप्पणियां (Comments)
0 टिप्पणियां