जालोर/रानीवाड़ा (कागमाला)। 'नर सेवा ही नारायण सेवा है' के ध्येय को चरितार्थ करते हुए, आज रविवार, 7 दिसंबर 2025 को कागमाला स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में एक विशाल निःशुल्क नेत्र चिकित्सा एवं मोतियाबिंद जांच शिविर का आयोजन किया गया। ब्रह्माकुमारीज राजयोग ग्लोबल नेत्र संस्थान (तलेटी, आबूरोड) के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में सेवा और समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला।
21वें विशाल शिविर में गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति शिविर का शुभारंभ आध्यात्मिक वातावरण में 'ओम शांति' के उद्घोष के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपसरपंच श्री कृष्ण कुमार चौधरी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए सदर सदस्य भूराराम भील, पूर्व सरपंच सुजाराम चौधरी, बाबूराम चौधरी और जीवाजी चौधरी समेत गाँव के कई गणमान्य नागरिक और संगठन के साथी उपस्थित थे। सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर शिविर की शुरुआत की और संस्था के कार्यों की सराहना की।

ब्रह्माकुमारी बहनों ने दिया स्वास्थ्य और आध्यात्म का संदेश शिविर केवल चिकित्सा तक सीमित नहीं था, बल्कि यह आध्यात्मिक चेतना का भी केंद्र बना। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से जुड़ी बी.के. गीता बहन, शैल बहन, सुनीता बहन, कंचन बहन और मालती बहन ने अपने मुखारविंद से उपस्थित ग्रामीणों को स्वास्थ्य के साथ-साथ राजयोग और तनावमुक्त जीवन जीने की कला सिखाई। उनके प्रवचनों से पूरा माहौल सकारात्मक ऊर्जा से भर गया।
चिकित्सकीय दल की सराहनीय सेवा ग्लोबल नेत्र संस्थान, आबूरोड से आईं नेत्र विशेषज्ञ डॉ. नेहा बहन और उनके 8 सदस्यीय पैरा-मेडिकल स्टाफ ने अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दीं। टीम ने अत्याधुनिक उपकरणों के साथ ग्रामीणों की आँखों की गहनता से जाँच की और उन्हें उचित परामर्श दिया। डॉ. नेहा बहन की टीम के सेवाभाव की ग्रामीणों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

250 ग्रामीणों ने उठाया लाभ, भोजन-पानी की रही उत्तम व्यवस्था शिविर में सुबह से ही ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कुल 250 लोगों ने अपनी आँखों की जाँच करवाई। शिविर में आने वाले सभी लोगों और मरीजों के लिए नाश्ते, पानी और भोजन की व्यवस्था भामाशाह श्री कृष्ण कुमार चौधरी और बाबूराम चौधरी द्वारा की गई थी।
40 चयनित मरीज 'ग्लोबल बस' से रवाना जाँच के दौरान 40 मरीज मोतियाबिंद से ग्रसित पाए गए, जिन्हें मौके पर ही ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया। शिविर के समापन पर इन सभी 40 मरीजों को संस्थान की विशेष 'ग्लोबल बस' में बैठाकर आबूरोड स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल के लिए रवाना किया गया, जहाँ उनका निःशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा। मरीजों को विदा करते समय ग्रामीणों ने 'ओम शांति' के जयघोष के साथ उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।







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