सिरोही,
सैकड़ों दंपतियों के जीवन में उजाला लाने वाले डॉ. भाटी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मेडिकल साइंस में उनका कोई मुकाबला नहीं। पोसितरा गांव के नेतीराम देवासी और उनकी पत्नी भावना देवी के घर शादी के 15 साल बाद किलकारी गूंजी है, जिससे पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। संतान सुख की आस में भटक रहे इस दंपति के लिए डॉ. भाटी की चिकित्सा एक वरदान साबित हुई है।
15 साल का इंतजार और उम्मीदों का सफर
शादी के लंबे समय बाद भी जब भावना देवी और नेतीराम की गोद सूनी रही, तो उन्होंने हरसंभव प्रयास किए। संतान की चाह में उन्होंने राजस्थान और गुजरात के कई बड़े अस्पतालों में इलाज करवाया, हजारों-लाखों रुपए खर्च किए, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। समय बीतने के साथ-साथ उनकी उम्मीदें भी धुंधली पड़ने लगी थीं।
इसी बीच, किसी रिश्तेदार ने उन्हें डॉ. भाटी के पास जाने की सलाह दी। उम्मीद की आखिरी किरण थामे यह दंपति डॉ. भाटी से मिला और उनका इलाज शुरू करवाया। डॉ. भाटी की कुशल चिकित्सा और सटीक मार्गदर्शन का ही नतीजा था कि कुछ ही महीनों के इलाज के बाद भावना देवी गर्भवती हो गईं। यह खबर उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं थी।
जीवन में आई नई खुशी
कल रात भावना देवी ने एक स्वस्थ और सुंदर कन्या को जन्म दिया। 15 साल के लंबे इंतजार के बाद बेटी के जन्म से पूरा परिवार भावुक है। नेतीराम और भावना देवी ने कहा कि डॉ. भाटी की बदौलत ही आज उनका सपना पूरा हुआ है। उन्होंने डॉ. भाटी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, "डॉक्टर साहब ने न सिर्फ हमारा इलाज किया, बल्कि हमें मानसिक रूप से भी संबल दिया। आज हमारी दुनिया पूरी हो गई है।"
चाहे सामान्य डिलीवरी का मामला हो या निसंतानता का इलाज, डॉ. भाटी का नाम क्षेत्र में किसी परिचय का मोहताज नहीं है। उनकी सफलता की कहानियाँ दूर-दूर तक फैली हुई हैं, और वे आज भी अनगिनत परिवारों के लिए आशा की किरण बने हुए हैं।







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