राजस्थान पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर हरचंद देवासी की जीवनसंगिनी ने बढ़ाया समाज का मान।
"सिंहनी की चाल, जब बढ़ती है रणक्षेत्र की ओर, विद्वत्ता के तेज से थमता है हर विपरीत शोर। परंपरा की ओढ़ चुनर, जिसने रचा नया इतिहास, शक्तियों की पुंज डॉ. अवनी, बनीं नारी शक्ति का विश्वास॥"
बनासकांठा (सर्किल न्यूज नेटवर्क)। भारतीय जनता पार्टी को राजनीति का 'जौहरी' यूं ही नहीं कहा जाता। वह गांवों की चौपालों, ढाणियों और पारंपरिक समाजों में छुपी उन अदम्य प्रतिभाओं को खोज निकालने में माहिर है, जिनमें नेतृत्व की लौ धधक रही होती है। इसका ताजा और सबसे जीवंत उदाहरण है डॉ. अवनीबेन आल की बनासकांठा जिला भाजपा महिला मोर्चा के अध्यक्ष (जिला प्रमुख) पद पर हुई यह ऐतिहासिक नियुक्ति। डॉ. अवनीबेन न केवल शिक्षित, बल्कि दीक्षित और सुसंस्कृत व्यक्तित्व की धनी हैं, जिन्होंने अपनी विद्वत्ता और सामाजिक सरोकारों से पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
रूढ़ियों को मात: रेबारी समाज से इस ऊंचे ओहदे तक पहुंचने वाली पहली महिला
परंपरागत रूप से पशुपालन और सादगीपूर्ण जीवन के लिए जाने जाने वाले रेबारी (देवासी) समाज में बेटियों की उच्च शिक्षा आज भी कई चुनौतियों से गुजरती है। ऐसे परिवेश से निकलकर डॉक्टरेट (PhD) की मानद उपाधि धारण करना, और फिर सीधे एक बड़े राजनैतिक जिले की महिला विंग की कमान संभालना किसी बड़े बदलाव से कम नहीं है। डॉ. अवनीबेन इस गौरवमयी पद पर आसीन होने वाली अपने समाज की 'पहली महिला' बन गई हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि यदि हौसले बुलंद हों और संस्कारों की पूंजी साथ हो, तो समाज की मर्यादा में रहकर भी सफलता के सातवें आसमान को छुआ जा सकता है।
प्रतिभाओं को तराशता भाजपा का मंच
भाजपा ने हमेशा जमीनी कार्यकर्ताओं और अकादमिक रूप से सुदृढ़ चेहरों को आगे बढ़ाया है। डॉ. अवनीबेन की इस नियुक्ति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि संगठन में वंशवाद नहीं, बल्कि योग्यता और राष्ट्र के प्रति समर्पण ही सर्वोपरि है। आरएसएस (RSS) और दुर्गावाहिनी के माध्यम से विश्व हिंदू परिषद में लंबे समय तक मां भारती की सेवा करने वाली डॉ. अवनीबेन को एक बड़ा प्लेटफॉर्म देकर भाजपा ने गांवों में छुपी असली सांगठनिक और बौद्धिक क्षमता को तराशा है।

सफलता के पीछे खाकी का संबल: इंस्पेक्टर हरचंद देवासी का साथ
कहते हैं हर सफल पुरुष के पीछे एक स्त्री का हाथ होता है, लेकिन डॉ. अवनीबेन की इस अद्भुत यात्रा के पीछे उनके जीवनसाथी का अटूट विश्वास और संबल रहा है। उनके पति श्री हरचंद देवासी राजस्थान पुलिस में एक बेहद जांबाज और कर्तव्यनिष्ठ इंस्पेक्टर के रूप में तैनात हैं। खाकी की चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ श्री हरचंद ने डॉ. अवनी के अकादमिक और सामाजिक सपनों को हमेशा पंख दिए। एक तरफ पति कानून व्यवस्था की रक्षा में डटे हैं, तो दूसरी तरफ पत्नी समाज और राष्ट्र निर्माण के वैचारिक मोर्चे पर नेतृत्व कर रही हैं। यह जुगलबंदी आज के आधुनिक समाज के लिए एक आदर्श उदाहरण है।

डॉ. अवनीबेन आल की कुछ असाधारण खासियतें:
- अकादमिक शिखर: आप पाटन लॉ कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं तथा हेमचंद्राचार्य उत्तर गुजरात यूनिवर्सिटी में MPhil कोर्स की गाइड के तौर पर सेवा दे चुकी हैं। इसके अलावा यूनिवर्सिटी पाटन की सेनेट सदस्य भी रही हैं।
- महामहिम राज्यपाल से सम्मान: शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए गुजरात के महामहिम राज्यपाल महोदय के कर-कमलों द्वारा आपको "गोल्ड मेडल" से सम्मानित किया जा चुका है।
- डिग्रियों का अंबार: डॉ. अवनीबेन ने शिक्षा जगत में अपनी अनथक लगन से 10 से अधिक उच्च डिग्रियां हासिल कर जिले और राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
- प्रशासनिक अनुभव: शिक्षा और समाजसेवा के साथ-साथ आपने गुजरात लोक सेवा आयोग (GPSC) क्लास 1-2 की 15 से अधिक सरकारी परीक्षाओं में भाग लेकर अपनी प्रशासनिक योग्यता को सिद्ध किया है।
- संस्कार और सनातन का समन्वय: धर्म, संस्कृति और सनातन मूल्यों का अगाध ज्ञान रखने वाली डॉ. अवनीबेन एक प्रखर वक्ता और समाज सुधारक विचारक हैं, जो युवाओं और विशेषकर महिलाओं के लिए प्रेरणापुंज हैं।
नारी शक्ति का यह सशक्त नेतृत्व संगठन को निश्चित रूप से नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। सर्किल न्यूज नेटवर्क डॉ. अवनीबेन आल को इस गौरवपूर्ण नियुक्ति पर हार्दिक बधाई देता है और उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना करता है।







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