बीमा कंपनियां दे रहीं धोखा! पटेल ने कलेक्टर को लिखा खत, 72 घंटे की समय-सीमा से पहले सर्वे की मांग
जालोर-सिरोही: आसमान से बरसी आफत ने जालोर और सिरोही के किसानों की कमर तोड़ दी है। हाल ही में हुई भारी बारिश और तेज हवाओं ने उनकी खरीफ की फसलों, जैसे बाजरा, मूंग, ग्वार, तिल, ज्वार और अरण्डी को बर्बाद कर दिया है। इस भयानक मंजर ने किसानों को हताश कर दिया है, क्योंकि उनकी आजीविका पूरी तरह से खेती पर निर्भर है।
इस मुश्किल घड़ी में, किसानों की आवाज बनकर पूर्व सांसद देवजी पटेल सामने आए हैं। उन्होंने जालोर और सिरोही के जिला कलेक्टरों को एक अहम खत लिखा है, जिसमें उन्होंने किसानों को हुए भारी नुकसान की तरफ उनका ध्यान दिलाया है। पटेल ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्लेम के लिए किसान जब बीमा कंपनियों को फोन कर रहे हैं, तो कोई जवाब नहीं मिल रहा है। यह एक गंभीर मसला है, क्योंकि 72 घंटे की समय-सीमा बीतने के बाद बीमा कंपनियां यह कहकर क्लेम देने से मुकर जाएंगी कि उन्हें नुकसान की जानकारी नहीं मिली थी।

पटेल ने अपने खत में इस बात पर जोर दिया है कि किसानों के पास समय बहुत कम है। उन्होंने कलेक्टरों को नुकसान की सूचना 72 घंटे पूरे होने से 66 घंटे पहले ही दे दी थी, ताकि प्रशासन तुरंत हरकत में आए। उन्होंने साफ कहा कि सांचोर, चितलवाना, बागोड़ा, भीनमाल, जसवंतपुरा, रानीवाड़ा, जालोर, सायला, आहोर, रेवदर, आबूरोड, सिरोही, शिवगंज और पिंडवाड़ा जैसे सभी उपखंडों में हुए फसल खराबे की सूचना तुरंत संबंधित बीमा कंपनियों को दी जाए और प्रभावित किसानों का जल्द से जल्द सर्वे करवाया जाए।
पूर्व सांसद पटेल ने कलेक्टरों से यह भी गुजारिश की है कि इस मामले को सबसे अहमियत दी जाए। उनका कहना है कि किसानों को सही वक्त पर मदद मिलना बहुत जरूरी है, वरना वे और भी गहरे संकट में फंस जाएंगे। यह पहल किसानों को उम्मीद की एक नई किरण दिखा रही है और उन्हें भरोसा दिला रही है कि उनके दुख में कोई उनके साथ खड़ा है।



