- सांचौर-रानीवाड़ा-आबू रोड हाईवे (SH-11): 107 किमी लंबे इस हिस्से के लिए 535 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह गुजरात और माउंट आबू की कनेक्टिविटी के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्ग बनेगा।
- LC-113 जालोर-रानीवाड़ा (SH-31): रानीवाड़ा क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंग संख्या 113 पर ROB (रेलवे ओवरब्रिज) / RUB (रेलवे अंडरब्रिज) के कार्यों के लिए DPR (Detailed Project Report) तैयार करने की घोषणा
जालोर जिले के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट विकास की एक नई इबारत लिखने वाला सिद्ध होने वाला है। इस बजट में बुनियादी ढांचे (सड़क), पेयजल, सिंचाई और पर्यटन के साथ-साथ पशुपालन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने जालोर की भौगोलिक और सांस्कृतिक महत्ता को समझते हुए ‘थार सांस्कृतिक सर्किट’ और ‘नर्मदा नहर विस्तार’ जैसी दूरगामी योजनाओं पर मुहर लगाई है।
नीचे जालोर जिले की सभी बजट घोषणाओं का विस्तृत और बिंदुवार विवरण दिया गया है:
1. आधारभूत संरचना: सड़कों और पुलों का बिछा जाल
सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के माध्यम से जिले की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए भारी निवेश किया गया है।
- आहोर-जालोर मुख्य मार्ग (10 करोड़): छीपरवाड़ा से बिशनगढ़-निंबला तक 30 किमी लंबी सड़क का निर्माण। इससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों की राह आसान होगी।
- ग्रामीण संपर्क मार्ग (10.30 करोड़): भागली सिंधलान, चितहरणी और कुआबेर से बाड़मेर सीमा तक सड़कों का जाल। यह व्यापारिक और सामाजिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
- राज्य राजमार्गों का सुदृढ़ीकरण (1,090 करोड़):
- रोहिट से आहोर-बागरा (111 किमी) हेतु 555 करोड़ रुपये।
- सांचौर-रानीवाड़ा-मंडार-आबू रोड (107 किमी) हेतु 535 करोड़ रुपये।
- रेलवे ओवरब्रिज (ROB/RUB): जालोर-रानीवाड़ा रेल खंड पर रेलवे क्रॉसिंग 113 पर पुल निर्माण का DPR (Detailed Project Report) कार्य।
- रानीवाड़ा एवं सांचौर: रानीवाड़ा में 5 करोड़ की लागत से पुलिया निर्माण और सांचौर क्षेत्र के गांवों में नई सड़कों की स्वीकृति।
2. जल प्रबंधन एवं पेयजल: हर घर को राहत
जिले की सबसे बड़ी समस्या ‘पानी’ के समाधान के लिए बजट में विशेष प्रावधान हैं।
- शहरी पेयजल योजना (750 करोड़): जालोर और सांचौर सहित 5 शहरों में पेयजल अंतराल कम करने के लिए पंप लाइन और उच्च जलाशयों का निर्माण होगा।
- 24×7 पेयजल: चुनिंदा क्षेत्रों में निरंतर जलापूर्ति सुनिश्चित करने की योजना।
3. सिंचाई एवं कृषि: किसानों के लिए बड़ी सौगात
जालोर को “राजस्थान का पंजाब” बनाने की दिशा में सिंचाई परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
- नर्मदा नहर एवं अनास नदी परियोजना (5,900 करोड़): अनास नदी के व्यर्थ बहते जल को संचित कर जालोर में जल भंडारण क्षमता बढ़ाने हेतु DPR तैयार की जाएगी।
- रिजर्वायर (जलाशय) निर्माण: सांचौर में मानसून के अतिरिक्त पानी को रोकने के लिए जलाशय निर्माण हेतु 2 करोड़ की स्वीकृति।
- जीर्णोद्धार कार्य: बावरला (आहोर) में बांध और नहरों की मरम्मत के लिए 7 करोड़ रुपये।
- अनार मण्डी जीवाणा: जीवाणा में अनार मंडी के लिए मूलभूत सुविधाओं का निर्माण होगा, जिससे किसानों को उपज का बेहतर दाम मिलेगा।
- कृषि विस्तार: सांचौर में सहायक निदेशक कृषि कार्यालय की स्थापना से किसानों को तकनीकी सलाह सुलभ होगी।
4. पर्यटन एवं पर्यावरण: ‘थार सर्किट’ से चमकेगी पहचान
- थार सांस्कृतिक सर्किट: जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर और बाड़मेर के साथ अब जालोर को भी इस विशेष पर्यटन सर्किट में शामिल किया गया है। इससे जालोर के किलों और संस्कृति को वैश्विक पहचान मिलेगी।
- सुंधामाता स्लॉथ बीयर संरक्षण: सुंधामाता क्षेत्र में भालुओं के संरक्षण के लिए 20 करोड़ का बजट।
- वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर: सांचौर-जालोर में घायल वन्यजीवों के उपचार हेतु रेस्क्यू सेंटर बनेगा।
5. स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य सेवाएँ
- चिकित्सा: थुंबा (आहोर) और शिवपुरा पुरोहितान (बावतरा) में नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र खुलेंगे।
- खेल: आहोर में नए खेल स्टेडियम का निर्माण होगा।
- पशुपालन: सायला के आलवाड़ा में नया पशु चिकित्सा केंद्र और जालोर में महिला शक्ति पोल्ट्री समूहों को 10 लाख रुपये तक का अनुदान।
- सुरक्षा: जालोर जिला जेल में आधुनिक मुलाकात कक्षों का निर्माण।
- नगरीय विकास: सांचौर नगरपालिका में 5 करोड़ की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनेगा।
बजट समीक्षा एवं विश्लेषण
यह बजट जालोर के लिए ‘बैलेंस्ड बजट’ नजर आता है।
- कनेक्टिविटी: सांचौर से आबू रोड और रोहिट से आहोर की सड़कों पर 1000 करोड़ से अधिक का निवेश जिले के औद्योगिक और व्यापारिक विकास के द्वार खोलेगा।
- पानी का विजन: नर्मदा नहर के अतिरिक्त पानी को स्टोर करने के लिए जलाशय (Reservoir) की मांग वर्षों पुरानी थी, जिस पर काम शुरू होना सुखद है।
- महिला सशक्तिकरण: पोल्ट्री क्लस्टर के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश सराहनीय है।
- निष्कर्ष: कुल मिलाकर, यदि इन घोषणाओं का समय पर कार्यान्वयन होता है, तो जालोर की बुनियादी ढांचागत तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। विशेषकर ‘थार सर्किट’ में शामिल होने से स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।



