मारवाड़ में जहाँ बड़े अस्पतालों में सीजेरियन की सलाह दी जाती है, वहाँ भारती हॉस्पिटल एवं सोनोग्राफी सेंटर रेवदर ने मानवता का परचम लहराया। कई परिवारों की जिंदगी में खुशियों की बहार लाने वाले इस अस्पताल की सफलता की कहानियाँ पूरे मारवाड़ में गूँज रही हैं। अब देखिए, कैसे अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने कई महिलाओं को नॉर्मल डिलीवरी का अनमोल तोहफ़ा दिया और उनके परिवारों को नया जीवन दिया।
१. श्रीमती रेखा पत्नी रावल सिंह राजपुरोहित (मूल निवासी ख़िरज़ाँ, हाल निवासी फलौदी)
- पहला सीजेरियन ऑपरेशन फलौदी में, दूसरा प्रसिद्ध उम्मेद अस्पताल जोधपुर में हुआ। दोनों जगह कन्या का जन्म हुआ।
- इस बार मारवाड़ की इस माँ ने नॉर्मल डिलीवरी के लिए भारती हॉस्पिटल रेवदर का रुख़ किया।
- अनुभवी चिकित्सकों की टीम ने नॉर्मल डिलीवरी करवाकर मानवता का अद्भुत परिचय दिया।
- पुत्र रत्न की प्राप्ति पर राजपुरोहित परिवार में खुशियों की लहर दौड़ गई।
२. सुशीला देवी पत्नी अविनाश माली (सियाणा, जालौर)
- पीहर डोडुआ (सिरोही) होने की वजह से सिरोही के बड़े अस्पताल के स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास इलाज चल रहा था।
- प्रसव पीड़ा शुरू होते ही डॉक्टर साहब ने बताया कि बच्चे का सिर बड़ा है और गर्भनाल में दो आँटे हैं, तुरंत ऑपरेशन ज़रूरी है।
- परिजन ऑपरेशन नहीं करवाना चाहते थे, किसी रिश्तेदार की सलाह पर भारती हॉस्पिटल रेवदर पहुँचे।
- यहाँ कुछ ही समय में नॉर्मल डिलीवरी हुई, जच्चा-बच्चा दोनों सलामत।
- रेवदर पहुँचने के बाद सिरोही के डॉक्टर साहब का फ़ोन आया, “मेरे पास ऑपरेशन करवाओ, नहीं तो पुलिस केस करूँगा।”
- परिजनों ने साफ़ जवाब दिया, “आप एक नहीं दो पुलिस केस करवाओ, हम आपके पास ऑपरेशन नहीं करवाएँगे।”
- इसी डॉक्टर साहब के पास बावली (सिरोही) की विनेश कुंवर पत्नी महेंद्र सिंह का इलाज चल रहा था, उन्हें भी सीजेरियन की सलाह दी गई।
- उन्होंने भी भारती हॉस्पिटल रेवदर का रुख़ किया और यहाँ नॉर्मल डिलीवरी से बच्चे को जन्म दिया।
३. नारणावास (जालोर) निवासी निरमा कुंवर पत्नी कालू सिंह
- 9 महीने पूरे होने पर हाई बीपी और ब्लीडिंग शुरू होने पर जालोर व बागरा के निजी अस्पतालों में दिखाया।
- सभी ने तुरंत सीजेरियन ऑपरेशन की सलाह दी और धमकी दी कि तुरंत ऑपरेशन नहीं करवाने पर माँ-बच्चे दोनों की मौत हो जाएगी।
- जानकार की सलाह पर भारती हॉस्पिटल रेवदर पहुँचे।
- अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने तुरंत नॉर्मल डिलीवरी करवाकर मानवता का परिचय दिया।
४. गुड़िया पत्नी श्री प्रकाश कुमार चौधरी (निवासी उड़वारिया)
- गर्भ में उल्टा बच्चा और पहली डिलीवरी होने की वजह से सिरोही हॉस्पिटल से लेकर तीन-चार बड़े-छोटे अस्पतालों में दिखाया।
- सभी ने सीजेरियन ऑपरेशन की सलाह दी।
- आख़िरी उम्मीद लेकर भारती हॉस्पिटल एवं सोनोग्राफी सेंटर पहुँचे।
- यहाँ कुछ ही समय में नॉर्मल डिलीवरी हुई।
- क़लबी परिवार ने डॉक्टरों की टीम को दिल से धन्यवाद दिया।
रेवदर स्थित भारती हॉस्पिटल एवं सोनोग्राफी सेंटर ने सिर्फ़ एक मेडिकल संस्थान होने की परिभाषा को बदल दिया है। यहाँ अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने महिलाओं और उनके परिवारों के जीवन में नई रौशनी भर दी है। कठिन परिस्थितियों में भी नॉर्मल डिलीवरी करवाकर यह अस्पताल मानवता और सच्ची सेवा का उदाहरण बन गया है। पूरे मारवाड़ में भारती हॉस्पिटल की इस कामयाबी और मानवता की मिसाल को सलाम करते हुए, आज हर परिवार की जुबान पर इस अस्पताल का नाम है। आशा है कि यह संस्थान ऐसे ही सच्ची सेवा और सफलता की इबादत करता रहेगा।







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