बाड़मेर से गुजरात का सफर अब ढाई घंटे नहीं, मात्र 20 मिनट में; 'प्रोजेक्ट चेतक' से राजस्थान को मिली बड़ी सौगात
जोधपुर | देश की सीमाओं को अभेद्य बनाने और सीमावर्ती इलाकों में विकास की रफ़्तार बढ़ाने की दिशा में आज एक बड़ा अध्याय लिखा गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज 4,796 करोड़ रुपये की लागत वाली 125 रणनीतिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का लोकार्पण कर उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया।
सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा तैयार इन परियोजनाओं में राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से लेकर लद्दाख की बर्फीली चोटियों तक—28 सड़कें, 93 पुल और 4 अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं।

राजस्थान के लिए गेम चेंजर: 'प्रोजेक्ट चेतक'
राजस्थान के लिए यह दिन बेहद खास रहा। 'प्रोजेक्ट चेतक' के तहत बनी सड़कों ने न केवल सेना की ताकत बढ़ाई है, बल्कि आम जनता की जिंदगी भी आसान कर दी है। मरुस्थल की चुनौतियों को चीरते हुए BRO ने दो अहम सड़कों का निर्माण पूरा किया है।
1. बाड़मेर-गुजरात कनेक्टिविटी: 2.5 घंटे का सफर अब 20 मिनट में
सबसे बड़ी राहत बाखासर (बाड़मेर) – मवसारी (गुजरात) सड़क के रूप में मिली है।
- दूरी: 32.49 किमी
- बदलाव: लूणी बेसिन के जिस दलदली क्षेत्र को पार करने में पहले 2 घंटे 30 मिनट लगते थे, अब वह सफर मात्र 20 मिनट में पूरा होगा।
- महत्व: यह सड़क डबल लेन है और सामरिक दृष्टि से बेहद अहम है। इसका उद्घाटन गुजरात के राज्य मंत्री श्री स्वरूपजी ठाकोर और 45 BRTF कमांडर कर्नल जी.एस. बाजवा की उपस्थिति में हुआ।

2. जैसलमेर बॉर्डर पर बढ़ी ताकत: पिठेवाला–मोड़ सड़क
दूसरी बड़ी परियोजना पिठेवाला–मोड़ (PTM) से AD टोबा–लुंडेट सड़क है।
- दूरी: 114.45 किमी
- लोकेशन: यह सड़क अंतरराष्ट्रीय सीमा के समानांतर चलती है।
- फायदा: इसे सिंगल लेन (3.75 मीटर) के रूप में अपग्रेड किया गया है। यह सड़क भारतीय सेना और इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) दोनों के लिए लाइफलाइन साबित होगी।
BRO का संकल्प: कठिन रास्तों पर भी 'विजय'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने BRO की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार दुर्गम इलाकों में भी वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर देने के लिए प्रतिबद्ध है। इन सड़कों के बनने से न केवल सेना की मूवमेंट तेज होगी, बल्कि सरहदी गांवों में व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।







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