रतोड़ा और चारणीम गांव, तथा थाना सरवाना के प्रजापति नगर, सुंथाना, बगसड़ी और बिछावाड़ी में चोरी की वारदातें करना कबूल किया
सांचौर। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार चोरी और नकबजनी की वारदातों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सरवाना पुलिस ने लगातार दूसरे दिन बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कोड गांव में हुई चोरी के मामले में दो और अज्ञात आरोपियों को ट्रेस आउट कर उन्हें उदयपुर और सिरोही के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों से दबोच लिया है।
वारदात का पूरा ब्योरा
घटना 2 और 3 जनवरी 2026 की दरम्यानी रात की है। प्रार्थी नरपत कुमार पुत्र जोगाराम जाति प्रजापत (निवासी कोड) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात चोरों ने उसके ताऊ रामाराम के बंद मकान के ताले तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात और नकदी पार कर दी।
उसी रात इस गैंग ने गांव में आतंक मचाते हुए निम्नलिखित स्थानों को निशाना बनाया:
- कालाराम प्रजापत के घर में बना माताजी का मंदिर।
- जीवाराम पुरोहित के घर में बना माताजी का मंदिर।
- विक्रम प्रजापत और वरजगाराम के बाड़े में बने मंदिर। इन सभी जगहों से दानपात्र तोड़कर और मूर्तियों के जेवरात चोरी कर लिए गए थे।

गिरफ्तार मुल्जिमों का पूरा विवरण
पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और जमीनी स्तर पर सूचनाएं जुटाकर इन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- राजाराम उर्फ राजुभाई पुत्र लाडुराम जाति गमेती (उम्र 28 साल): निवासी भोगिया फली मोरस, पुलिस थाना पिंडवाड़ा। इसके खिलाफ पहले से नकबजनी के 05 प्रकरण दर्ज हैं।
- शेराराम पुत्र रणसाराम जाति गमेती (उम्र 30 साल): निवासी क्यारी, पुलिस थाना बेकरिया (जिला उदयपुर)। इसके खिलाफ भी नकबजनी के 05 मामले दर्ज हैं।
उल्लेखनीय है कि इनसे पहले इनके सहयोगी भारमाराम और शंकराराम को 11 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिन पर नकबजनी के 20-20 मामले दर्ज हैं।

मोडस ऑपेरंडी: गूगल मैप से करते थे रेकी
पूछताछ में पुलिस के सामने आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। यह गैंग पूरी तरह प्रोफेशनल तरीके से काम करती थी:
- टारगेट सिलेक्शन: गैंग का मुख्य सरगना भारमाराम गूगल मैप पर किसी बड़े गांव को सर्च करता था और वहां बने बड़े मकानों व मंदिरों को चिन्हित करता था।
- पहुंचने का तरीका: सूर्यास्त के बाद मोटरसाइकिल से गांव के बाहर पहुंचते और श्मशान या सुनसान झाड़ियों में बाइक छुपा देते थे।
- वारदात: रात में पैदल गांव में घुसते और टॉर्च से सूने मकान चेक करते। बड़े ताले को सरिये से तोड़कर किमती सामान चुराते। एक ही रात में 5-7 जगहों को निशाना बनाते।
- फरारी: सुबह 5 बजे पुलिस गश्त खत्म होते ही अपने गांव निकल जाते और भनक लगने पर पहाड़ी क्षेत्रों में छुप जाते थे।
इन वारदातों का भी हुआ खुलासा
प्रारंभिक जांच में इस गैंग ने पुलिस थाना चितलवाना के रतोड़ा और चारणीम गांव, तथा थाना सरवाना के प्रजापति नगर, सुंथाना, बगसड़ी और बिछावाड़ी में चोरी की वारदातें करना कबूल किया है।
पुलिस टीम और नेतृत्व
यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आवड़दान रतनू के निर्देशानुसार और पुलिस उप अधीक्षक जयराम मुण्डेल के सुपरविजन में थानाधिकारी मोहनराम के नेतृत्व में की गई।
टीम के सदस्य:
- सरवाना पुलिस: मोहनलाल (थानाधिकारी), किशनलाल (सउनि), हुसैनखा (सउनि), चुन्नीलाल (हैडकानि), गिरधरसिंह, सुरेशकुमार, सोहनलाल, लादुराम (सभी कानि)।
- विशेष भूमिका: पुनमाराम (हैडकानि), मानाराम, कैलाश चौधरी (कानि), त्रिलोकसिंह (एसपी ऑफिस जालौर)।
- पिंडवाड़ा पुलिस: अभयसिंह (कानि), मांगीलाल (हैडकानि), तुलसाराम (कानि)।







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