संत श्री किशनाराम फाउंडेशन की चतुर्थ विद्यार्थी प्रोत्साहन परीक्षा को लेकर उत्साह चरम पर; मेधावियों को मिलेगा सम्मान का मंच
विशेष रिपोर्ट: महेन्द्र दाता
सरनाऊ (जालोर)। ग्रामीण अंचल की छिपी हुई प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें सफलता के आसमान तक पहुंचाने का एक और बड़ा शंखनाद होने जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में नित नए आयाम स्थापित कर रही अग्रणी संस्था 'संत श्री किशनाराम फाउंडेशन सरनाऊ' के तत्वावधान में कल रविवार को 'चतुर्थ विद्यार्थी प्रोत्साहन परीक्षा एवं प्रतिभावान सम्मान समारोह' का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस परीक्षा को लेकर पूरे क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं में जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है। आलम यह है कि हर कोई इस कसौटी पर खुद को परखने के लिए बेताब है।
टिटोप की अपील: वक्त का रखें ख्याल, सुबह 8 बजे थमेगी एंट्री!
परीक्षा समन्वयक और शिक्षाविद दिनेश चौधरी टिटोप ने सर्कल संवाददाता को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षा का बिगुल कल 14 जून को प्रातः 08:00 बजे सटीक समय पर फूंक दिया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के कोने-कोने से आने वाले परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से बेहद भावुक और अनुशासित अपील की है।
"विद्यार्थी समय के चक्र को पहचानें। व्यवस्थाओं को सुचारू रखने और किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी से बचने के लिए सभी परीक्षार्थी निर्धारित समय से कम से कम आधा घंटा पहले परीक्षा केंद्र पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवा लें, ताकि मानसिक शांति के साथ परीक्षा दे सकें।" — दिनेश चौधरी टिटोप, परीक्षा समन्वयक
कसौटी पर खरा उतरने वालों को मिलेगा 'मेधावी सम्मान'
संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि यह महज एक परीक्षा नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर छुपे आत्मविश्वास को जगाने का महायज्ञ है। परीक्षा के तुरंत बाद कॉपियों का पारदर्शी मूल्यांकन किया जाएगा और टॉप करने वाले होनहार छात्र-छात्राओं की सूची तैयार होगी। इन सभी मेधावी हीरों को संस्था द्वारा आयोजित होने वाले एक गरिमामयी 'प्रतिभावान सम्मान समारोह' में मुख्य अतिथियों के हाथों विशेष रूप से पुरस्कृत कर नवाजा जाएगा, ताकि उनका मनोबल सातवें आसमान पर पहुंच सके।
तैयारियां चाक-चौबंद, परिंदा भी नहीं मार सकेगा पर
परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शी, नकल विहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए संत श्री किशनाराम फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने दिन-रात एक कर रखा है। बैठक व्यवस्था से लेकर पानी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा चुके हैं। संस्था के वालंटियर्स की अलग-अलग टीमें बनाकर जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। अब बस इंतजार है तो कल सुबह के सूर्योदय का, जब क्षेत्र के सैकड़ों नौनिहाल अपने सुनहरे भविष्य की इबारत लिखने परीक्षा कक्ष में प्रवेश करेंगे।







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