प्रेरणा: संत श्री किशनाराम फाउंडेशन का अनूठा आयोजन, सामान्य ज्ञान परीक्षा से परखी ग्रामीण बच्चों की मेधा; करियर एक्सपर्ट्स ने दिए सफलता के मंत्र
सर्कल न्यूज नेटवर्क सरनाऊ (विशेष रिपोर्ट: महेन्द्र दाता)। > "शिक्षा वह चाबी है जो सफलता के बंद दरवाजों को खोल देती है।" इसी ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए पंचायत समिति सरनाऊ क्षेत्र के चाडार नाडी सांकड़ स्थित आपेश्वर महादेव मंदिर एवं श्री राजेश्वर मंदिर परिसर में एक अद्भुत नजारा देखने को मिला। अवसर था संत श्री किशनाराम फाउंडेशन संस्था द्वारा आयोजित आंजना (कलबी) समाज के भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का, जहाँ ग्रामीण आंचल की मेधा का ऐसा सैलाब उमड़ा कि हर कोई दंग रह गया। संस्थान के अध्यक्ष दुर्गाराम चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस त्रिवेणी संगम (परीक्षा, मार्गदर्शन और सम्मान) में समाज की 150 उत्कृष्ट प्रतिभाओं का हौसला बढ़ाया गया।

तीन सत्रों में ढला सफलता का ताना-बाना
ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को तराशने के लिए संस्था के सचिव भूराराम दाता की देखरेख में आयोजित यह पूरा कार्यक्रम तीन सत्रों में बेहद सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ:
- प्रथम सत्र (परीक्षा की कसौटी): ग्रामीण अंचल के कक्षा 5वीं से 8वीं तक के नन्हें विद्यार्थियों के लिए सामान्य ज्ञान परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन किया।
- द्वितीय सत्र (सफलता की राह): इस सत्र में बच्चों को करियर की राह दिखाने के लिए प्रेरक वक्ताओं का जमावड़ा रहा। प्राचार्य गोरधन राम, प्राचार्य जयंतीलाल और बैंक मैनेजमेंट (सांचौर) से आईं गीता चौधरी ने विद्यार्थियों को भविष्य के लिए बेहतर करियर चुनने के नायाब टिप्स दिए और 'कड़ी मेहनत ही एकमात्र शॉर्टकट है' का मूलमंत्र फूंककर उनमें नया जोश भर दिया।
- तृतीय सत्र (सम्मान का गौरव): अंतिम सत्र में जब मंच से प्रतिभाओं के नामों की घोषणा हुई, तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। नव-चयनित व पदोन्नत सरकारी कर्मचारियों, 10वीं-12वीं के होनहारों, खेल जगत के सितारों और नीट (NEET) व नवोदय विद्यालय में चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले बालक-बालिकाओं को प्रशस्ति पत्र, तस्वीर और दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया।

भामाशाहों के 'दान' से महकी शिक्षा की बगिया
इस पूरे महाकुंभ को सफल बनाने में भामाशाहों ने दिल खोलकर सहयोग किया। भामाशाह भेराराम किलुपिया ने न केवल आगंतुकों और बच्चों के लिए भोजन, चाय व टेंट की व्यवस्था की, बल्कि 450 विद्यार्थियों को स्कूल बैग बांटकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। वहीं, डिवाइन इंटरनेशनल स्कूल (सांचौर) के रगाराम कोंदली द्वारा मेडल, भरत यूडीसी (टिटोप) द्वारा फोटोग्राफी और कृष्णा साउंड (सांचौर) के टीकमाराम द्वारा साउंड की निशुल्क सेवाएं दी गईं। कार्यक्रम का जीवंत और शानदार मंच संचालन उपप्राचार्य लालाराम चौधरी (दाता) ने किया। संस्था के प्रचार-प्रसार में विशेष सहयोग के लिए महेंद्र दाता का आभार जताया गया।
नई कार्यकारिणी का उदय: अब इनके कंधों पर होगी जिम्मेदारी
कार्यक्रम के अंतिम पड़ाव में संस्थान के अध्यक्ष दुर्गाराम चौधरी ने पुरानी कार्यकारिणी को भंग करते हुए लोकतांत्रिक तरीके से नई कार्यकारिणी के गठन की घोषणा की। उपस्थित समाजबंधुओं की सर्वसम्मति से नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं:
| पद | नाम |
| अध्यक्ष | अमृतलाल पांचला |
| सचिव | हरिराम सिलाणा |
| कोषाध्यक्ष | वगताराम (अध्यापक) |
| उपाध्यक्ष | हरचंदराम दाता |
| सह-सचिव | खेमाराम लुनियासर |
ये रहे साक्षी: इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए कोषाध्यक्ष मोहनलाल, मफाराम आरआई, हाजाराम, खेमाराम, भोमाराम, नथाराम, डॉ. दीपाराम, डॉ. नरसीराम, वीराराम, ईश्वरलाल, दिनेश कुमार, अध्यापिका लक्ष्मी, नथू और नाजु सहित समाज के कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में ग्रामीण व मातृशक्ति उपस्थित रहे।







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