सांचौर (जालोर)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की जिला शाखा जालोर की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक एवं राजनीतिक बैठक सांचौर स्थित डाक बंगला में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पार्टी नेता कॉमरेड मकारम चौधरी ने की। इस बैठक में राष्ट्रीय स्तर पर चुनावी निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों, केंद्र सरकार की नीतियों तथा क्षेत्र की ज्वलंत जनसमस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और आगामी आंदोलनों की रूपरेखा तय की गई।
13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप, 26 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन
भाकपा के जिला सचिव कॉमरेड ईशराराम बिश्नोई ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय आह्वान पर 26 अक्टूबर को अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) सांचौर के माध्यम से देश के महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।
कॉमरेड बिश्नोई ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में देशभर में कथित तौर पर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम बिना उचित समिति निर्णय के काट दिए गए हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग पर पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके विरोध में पूरे देश में लोकतांत्रिक प्रदर्शन हो रहे हैं। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार निष्पक्ष जांच कराने के बजाय संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों के बचाव में लोकतांत्रिक आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही है, जिसकी बैठक में सर्वसम्मति से कड़ी निंदा की गई।
1 नवंबर को दिल्ली में महारैली, जालोर से जाएगा 10 सदस्यीय दल
बैठक में 'संविधान बचाओ, देश बचाओ और बदलाव जरूरी है' महाअभियान की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कॉमरेड मकारम चौधरी ने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और एसआईआर जैसी व्यवस्थाओं के विरोध में इंडिया महागठबंधन द्वारा 1 नवंबर को नई दिल्ली में एक विशाल महारैली का आह्वान किया गया है।
कॉमरेड विरदसिंह चौहान ने जानकारी दी कि जालोर जिले की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिले से 10 प्रमुख कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल दिल्ली महारैली में भाग लेने रवाना होगा।
बैठक में कॉमरेड पूनमाराम बिश्नोई ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार निरंकुश रुख अपनाकर किसानों, मजदूरों, छात्र-युवाओं और महिलाओं के बुनियादी अधिकारों पर प्रहार कर रही है। देश की आम जनता महंगाई और अन्याय से त्रस्त होकर सड़कों पर उतरने को मजबूर है, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय शांतिपूर्ण धरने-प्रदर्शनों को कुचलने में लगी है।
नर्मदा जल, खाद संकट और अकाल राहत जैसी स्थानीय समस्याओं पर घेराव की तैयारी
पार्टी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ जालोर और सांचौर क्षेत्र की गंभीर जमीनी समस्याओं पर भी रोष जताया। कामरेड जगदीश पूनिया ने स्थानीय प्रशासनिक उपेक्षा पर आक्रोश व्यक्त किया।
धनराज मेघवाल ने क्षेत्र की प्रमुख मांगों को रेखांकित करते हुए सरकार व स्थानीय प्रशासन से निम्नलिखित बिंदुओं पर त्वरित कार्रवाई की मांग उठाई:
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क्षेत्र को विधिवत अकाल घोषित कर तुरंत मनरेगा व सरकारी राहत कार्य शुरू किए जाएं।
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पशुधन के संरक्षण के लिए विभिन्न पंचायतों में तत्काल प्रभाव से चारा डिपो खोले जाएं।
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रबी बुवाई को ध्यान में रखते हुए नर्मदा नहर में तय समय-सारिणी के अनुसार पानी छोड़ा जाए।
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किसानों को खाद संकट से बचाने के लिए पर्याप्त मात्रा में डीएपी (DAP) और यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित हो।
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आदान-अनुदान की बकाया राशि, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की लंबित किस्तें और फसल बीमा क्लेम का शीघ्रता से बैंक खातों में भुगतान किया जाए।
बैठक के समापन पर निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन ने इन मांगों पर शीघ्र संज्ञान नहीं लिया, तो पार्टी आम जनता को साथ लेकर उग्र आंदोलन शुरू करेगी।
बैठक में ये रहे उपस्थित:
इस दौरान कॉमरेड ईशराराम बिश्नोई, विरदसिंह चौहान, मकाराम चौधरी, पूनमाराम बिश्नोई, जगदीश पूनिया, धनराज मेघवाल, परबताराम, गणपतलाल मेघवाल (परावा) सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ता मौजूद रहे।









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