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जालौर/सांचौर। जिले में नशे के अवैध काले कारोबार के खिलाफ जालौर पुलिस ने अब निर्णायक जंग छेड़ दी है। पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह इन्डोलिया के सख्त तेवरों और 'जीरो टॉलरेंस' निर्देश के बाद खाकी नशा माफियाओं पर कहर बनकर टूट पड़ी है। सांचौर वृत्त क्षेत्र में पुलिस ने लगातार दूसरी बार सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए अवैध मादक पदार्थ एमडी (मेफेड्रोन) के सिंडिकेट को बड़ा झटका दिया है। सांकड़ पुलिस चौकी टीम ने त्वरित घेराबंदी करते हुए एक शातिर तस्कर को रंगे हाथों धर दबोचा, जिसके कब्जे से 6.72 ग्राम घातक MD ड्रग्स बरामद की गई है।

व्यूहरचना ऐसी कि भागने का मौका तक नहीं मिला
पुलिस उप अधीक्षक (सांचौर) अरविंद जांगिड के सुपरविजन और थानाधिकारी नेमाराम के कुशल नेतृत्व में सांकड़ चौकी प्रभारी उप निरीक्षक सुरेन्द्र सिंह की टीम लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए थी। मुखबिर तंत्र से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने रणनीतिक नाकाबंदी की। इस दौरान संदिग्ध हालात में नजर आए आरोपी मनोहरलाल पुत्र रामलाल, जाति विश्नोई, निवासी पूर को टीम ने फुर्ती दिखाते हुए दबोच लिया। जब तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से 6.72 ग्राम अवैध एमडी ड्रग्स बरामद हुई, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोग भी सन्न रह गए।
सिंडिकेट की जड़ें तलाशने में जुटी पुलिस
पुलिस ने प्रतिबंधित मादक पदार्थ को जब्त कर आरोपी मनोहरलाल को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की संगीन धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस बात की गहन पड़ताल कर रही है कि यह खतरनाक नशा कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई किन युवाओं तक पहुंचाई जानी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी की पूरी चेन (सप्लायर से लेकर खरीदार तक) को बेनकाब किया जाएगा।
नशा मुक्त समाज के लिए पुलिस का कड़ा संदेश
जालौर पुलिस ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ यह अभियान थमेगा नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में और तेज होगा। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने आमजन से पुरजोर अपील की है कि वे अपने आस-पास मादक पदार्थों की बिक्री या तस्करी की सूचना तत्काल पुलिस को देकर नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी अहम भागीदारी निभाएं।









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