जसवंतपुरा। उपखंड क्षेत्र के कलापुरा रोड स्थित बाबा रामदेव मंदिर आज मंगलवार को आज राणा भील समाज की मीटिंग हुई। जिसमें विगत कई दिनों से जालोर जिले में अखबारों की सुर्खियां बन चुका रानीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के जसवंतपुरा का एकलव्य आवासीय विद्यालय प्रकरण ने आज नया मोड़ ले लिया है।
सोमवार को विधायक रतन देवासी ने भील समाज के साथ मीटिंग कर आवंटित भूमि पर ही भवन बनाने के लिए सहमति व्यक्त की थी, जिसे लेकर आज भील समाज की बैठक में पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल ने कहा कि जब बाढ़ ही खेत को खाने पर उतर जाए तो फिर बाकि क्या रहता है। पहले इनके ही लोगों ने कोर्ट से स्टे लिया और फिर जब इनसे कुछ होता नहीं दिखा तो इन्हीं लोगों ने समझौते के नाम पर भोले भाले भील समाज के साथ एक बार फिर से धोखा करने का काम किया। जिसमें पीएमश्री राउमावि जसवंतपुरा की एसडीएमसी में विधायक द्वारा मनोनीत सदस्यों ने ही एकलव्य आवासीय विद्यालय को आवंटित भूमि पर कोर्ट से स्टे लाने का काम किया और किसके इशारे पर किया ये सबको पता है।
पूर्व विधायक देवल ने मौजूदा विधायक देवासी ने विधानसभा में स्थानीय अधिकारियों पर आरोप लगाए, स्कूल में पढ़ने वाले मासूम बच्चों से परीक्षा की तैयारी करने के दिनों में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए धरने-प्रदर्शन करवाए, ज्ञापन दिलवाये जो बहुत ही ओछी हरकत थी। इतना सबकुछ करने के बावजूद भी जब इनका काम बनता नहीं दिखा तो फिर इन्हीं के इशारे पर स्टे लाने वाले लोगों ने ही भील समाज के भोले भाले लोगों को झांसा देकर समझौते का नाटक किया। अगर इनकी नीयत इतनी ही साफ थी तो फिर स्टे क्यों लाए? जबकि आवंटित भूमि का मालिकाना हक जिला शिक्षा अधिकारी का है और राउमावि जसवंतपुरा का उससे कोई लेना देना नहीं है।

उन्होंने कहा कि वैसे भी कोर्ट से स्टे खारिज होना ही था क्योंकि एसडीएमसी या राउमावि जसवंतपुरा का इस भूमि पर कोई अधिकार नहीं है और वैसे भी एसडीएमसी गठन की प्रक्रिया और नियमों के अनुसार एसडीएमसी का गठन भी अवैधानिक है। एसडीएमसी बैठकों के कार्यवाही विवरण रजिस्टर और बैठकों की जानकारी लेकर नियमानुसार गठन की प्रक्रिया करवाई जायेगी। एकलव्य आवासीय विद्यालय तो आवंटित भूमि पर ही बनकर रहेगा चाहे कोई कितना भी झूंठ फैला ले।
उन्होंने जसवंतपुरा स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता एवं अभिभावकों से अपील कर कहा कि अपने बच्चों पर ध्यान दें और उनको पढ़ाई के प्रति जागरूक करें। उनको समझाएं कि किसी के बहकावे में आकर राजनीति और धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की कोई जरूरत नहीं है, वो केवल अपना भविश्य सुधारने पर ध्यान दें। फिर शिक्षाविद पीराराम पावली ने बताया कि यह रतन देवासी का ओछी राजनीति करने का आरोप लगाया।

फिर जिला प्रमुख राजेश राणा ने भी अपने संबोधन में बताया कि रतन देवासी बिना मतलब की राजनीति कर रहे है। फिर शिक्षाविद हुकमाराम ने बताया कि आज कल के नेता भील समाज को कम ना आके, क्योंकि अब भील समाज जाग
चुका है, अब भील समाज किसी की बात में नहीं आएगा। इस कार्यकम में समस्त भील राणा समाज के समाज बंधु मौजूद रहे।
इस मौके पर देवल ने पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि हमने एवं जिला प्रमुख राजेश राणा ने मिलकर एकलव्य विद्यालय को 36 करोड़ में स्वीकृत कराया, जिसमे स्कूल प्रशासन की एसडीएमसी सदस्य ने ओछी राजनीति करते करते हुए स्टे लाए, जिसमे भील समाज ने मिलकर स्टे के खिलाफ हाई कोर्ट में जाकर इसके खिलाफ अपील दायर की, जिससे बहकाकर रतन देवासी ओछी राजनीति कर रहा है कि भील समाज उनके साथ है, जब की स्टे भी उनके ही आदमी लाए एवं तोड़ भी यही रहे है। यह कोई समझौता नहीं था, यह स्टे भी लाते है एवं अब स्टे को तोड़ भी रहे है, यह सब कांग्रेस के नेता ही मीटिंग में मौजूद थे आप को समझौता करना था तो आप जसवंतपुरा में आकर करते।







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