मुस्लिम समुदाय का मुकद्त माहे रमजान का महिना चल रहा है। तपिश एवं उमस भरी गर्मी में लोग रोजा रख अल्लाह की इबादत कर रहे हैं। एक ओर जहां बड़े लोग रोजा रख रहे हैं तो दूसरी ओर छोटे बच्चे भी रोजा रख कर अपने रब की इबादत कर रहे हैं।
भीनमाल निवासी महक बानू छोटी उम्र मे अपने परिवार के अन्य लोगों की तरह ही रोजे रख रहे है, लेकिन इस परिवार को खास बनाया है ईस नन्ही बच्ची ने जिसने अब तक 9 रोजे रख दिए है। परिवार में सभी सदस्यों को नमाज पढ़ते देख महक भी नमाज अदा कर रहे है। कम उम्र के बच्चों द्वारा रोजा रखने से लोग उनकी तारीफ करते हुए नजर आ रहे है। बच्चे अपने परिवार वालों के साथ सुबह तीन बजे से सेहरी खाने के लिए जागते हैं और सेहरी खाकर फिर इबादत में जुट जाते हैं।
महक के पिता जमील अहमद का कहना है कि मार्च एवं अप्रेल महीने की इस तपिश भरी गर्मी में भी बच्चों द्वारा रोजा रखा जाना अपने आप में बड़ी बात है। मुसलमानों के लिए रोजा बहुत ही महत्वपूर्ण है इस माह में अल्लाह अपने नेक बन्दों के लिए अपनी रहमत के दरवाजे खोल देता है। बच्चे भी अल्लाह को राजी करने के लिए रोजे रखकर ईबादत कर रहे हैं।








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