पंचगौरव योजना के तहत चल रही 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) स्कीम को लेकर लघु उद्योग भारती ने भजनलाल सरकार के सामने बडा प्रस्ताव रखा है। संगठन ने तर्क दिया है कि जमीनी स्तर पर उद्योगों को वास्तविक फायदा पहुंचाने के लिए मौजूदा सूची में जयपुर, कोटा और सिरोही समेत 6 जिलों में नए उत्पाद जोडने बेहद जरूरी हैं।
उद्योग मंत्री और एसीएस को लिखा पत्र
लघु उद्योग भारती के प्रदेश महासचिव सुधीर कुमार गर्ग ने उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड और अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) शिखर अग्रवाल को पत्र लिखकर यह अहम मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि 24 जनवरी 2025 को जो 41 उत्पादों की सूची जारी हुई थी, उसमें स्थानीय जरूरतों के हिसाब से बदलाव की दरकार है, ताकि पॉलिसी का लाभ सही उद्यमियों तक पहुंच सके।

सिरोही और पाली के लिए बडी मांग
प्रस्ताव में मारवाड और गोडवाड के जिलों पर विशेष फोकस किया गया है:
- सिरोही: यहां वर्तमान में केवल 'मार्बल प्रोडक्ट्स' शामिल हैं। संगठन ने मांग की है कि इसे बदलकर 'ऑल टाइप ऑफ स्टोन प्रोडक्ट्स' (सभी प्रकार के पत्थर उत्पाद) किया जाए, जिससे ग्रेनाइट और अन्य पत्थर व्यवसायियों को भी लाभ मिल सके।
- पाली: यहां टेक्सटाइल्स के साथ-साथ मेहंदी (Henna) प्रोसेसिंग को जोडने की पुरजोर मांग की गई है, जो सोजत की पहचान है।
इन 6 जिलों में बदलाव का प्रस्ताव (लिस्ट देखें)
लघु उद्योग भारती ने निम्न जिलों में अतिरिक्त उत्पाद जोडने या नाम बदलने का अनुरोध किया है:
| जिला | वर्तमान उत्पाद | अतिरिक्त/संशोधित उत्पाद (मांग) |
| जयपुर | जेम्स एंड ज्वैलरी | हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग (Hand Block Printing) |
| कोटा | कोटा डोरिया | धनिया प्रोसेसिंग और कोटा स्टोन (Coriander & Kota Stone) |
| सिरोही | मार्बल प्रोडक्ट्स | सभी प्रकार के स्टोन प्रोडक्ट्स (All Stone Products) |
| पाली | टेक्सटाइल | मेहंदी/हिना प्रोसेसिंग (Henna Processing) |
| भरतपुर | एग्रो बेस्ड | स्टोन बेस्ड प्रोडक्ट्स (Stone Based) |
| डीग | स्टोन बेस्ड | एग्रो बेस्ड प्रोडक्ट्स (Agro Based) |
नियम का दिया हवाला
संगठन ने तर्क दिया है कि भारत सरकार की पहल के तहत एक जिले में एक से अधिक उत्पाद नामित किए जा सकते हैं, इसलिए इन अतिरिक्त उत्पादों को सूची में तुरंत जोडा जाए।







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