सर्किल न्यूज नेटवर्क
जालोर/जयपुर। राजस्थान की खेल प्रतिभा और खेल प्रशासन के लिए एक ऐतिहासिक और स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत हुई है। 22 सितम्बर को जापान के आइची-नागोया में संपन्न हुई इंटरनेशनल कबड्डी फेडरेशन (IKF) की वार्षिक जनरल असेंबली में राजस्थान के तेजस्वी सिंह गहलोत को सर्वसम्मति से विश्व संस्था का नया सेक्रेटरी जनरल (महासचिव) चुना गया है। विश्व स्तर के इस सर्वोच्च पद पर राजस्थान के युवा प्रशासक की ताजपोशी से देश-प्रदेश के खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है।
जालोर जिला ओलंपिक संघ ने दी बधाई, बताया देश का गौरव
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जालोर जिला ओलम्पिक संघ के सेक्रेटरी जनरल लाल सिंह सांखला ने संघ और जिले के खेल प्रेमियों की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। सांखला ने कहा— "यह सिर्फ तेजस्वी सिंह गहलोत की व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि पूरे देश, राजस्थान और माटी से जुड़े हर कबड्डी खिलाड़ी की जीत है। युवा जोश और गहरी प्रशासनिक समझ के धनी तेजस्वी जी के नेतृत्व में विश्व मंच पर कबड्डी का परचम और मजबूती से लहरेगा।"
पिता के 'मिशन ओलंपिक' को साकार करने की राह पर कदम
तेजस्वी सिंह गहलोत भारतीय खेल जगत के पुरोधा और कबड्डी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले स्व. जनार्दन सिंह गहलोत के सुपुत्र हैं। स्व. गहलोत ने जीवन भर इंटरनेशनल कबड्डी फेडरेशन, एशियाई कबड्डी परिषद (AKF), अमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (AKFI) और राजस्थान ओलंपिक संघ की कमान संभालते हुए खेल को आधुनिक स्वरूप दिया था। उनका सबसे बड़ा सपना कबड्डी को ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों का स्थायी हिस्सा बनाना था। अब उनके सुपुत्र के IKF के शीर्ष प्रशासनिक पद पर आसीन होने से यह सपना हकीकत में बदलने की ओर अग्रसर है।
गांव की चौपाल से ग्लोबल एरिना तक का अनुभव
वर्तमान में राजस्थान राज्य ओलंपिक संघ (ROA) के अध्यक्ष पद पर सक्रिय तेजस्वी सिंह गहलोत को ग्रासरूट स्तर से लेकर प्रो-कबड्डी लीग जैसे मेगा इवेंट्स के संचालन का गहरा अनुभव है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक तकनीक और आधुनिक स्पोर्ट्स साइंस व ब्रॉडकास्टिंग के सामंजस्य से वे कबड्डी को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होंगे।
'मिशन ओलंपिक 2036 (अहमदाबाद)' पर रहेगा मुख्य फोकस
भारत द्वारा 2036 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों की मेजबानी (अहमदाबाद) के प्रस्ताव के बीच इस नियुक्ति को बेहद अहम माना जा रहा है। खेल प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं के अनुरूप 2036 ओलंपिक में देश के मूल खेल कबड्डी को मुख्य स्पर्धा के रूप में शामिल कराया जाए। तेजस्वी गहलोत इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के मंचों पर सशक्त पैरवी की अगुवाई करेंगे।
इस ऐतिहासिक ताजपोशी पर राजस्थान और देश के विभिन्न खेल संघों, राष्ट्रीय खिलाड़ियों व कोचों ने हर्ष व्यक्त किया है।







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