Circle News Network जालोर/सांचौर।
गांवों की सरकार चुनने की सरगर्मियां अब परवान पर हैं। चौपालों की चर्चाओं से लेकर सियासी गलियारों तक, सबकी निगाहें आज कलेक्ट्रेट सभागार पर टिकी हैं। पंचायती राज चुनाव-2026 के महासमर में आरक्षण का पासा आज सुबह 10:15 बजे फेंका जा रहा है। जिला परिषद के 43 वार्ड, 14 पंचायत समितियों के 262 वार्ड और 14 प्रधान पदों की लॉटरी कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की मौजूदगी में निकाली जाएगी। इसके ठीक अगले दिन, यानी 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर सरपंच और वार्ड पंचों के पदों का भाग्य खुलेगा।
50 फीसदी महिलाओं की भागीदारी, दावेदारों की धड़कनें तेज जिला परिषद के कुल 43 वार्डों में जनसंख्या अनुपात के मुताबिक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग का कोटा तय होगा। शेष वार्ड सामान्य श्रेणी में रहेंगे, जिनमें से 50 प्रतिशत (21 वार्ड) महिलाओं के हिस्से आएंगे। यही 50 फीसदी आरक्षण का नियम 14 प्रधान पदों पर भी लागू रहेगा। आरक्षण का पिटारा खुलते ही साफ हो जाएगा कि किस दिग्गज की चौधर बरकरार रहेगी और किसे आरक्षित सीट होने के चलते चुनावी मैदान से बाहर बैठना पड़ेगा।
रानीवाड़ा में सबसे बड़ा दंगल, 29 वार्डों के साथ शीर्ष पर पुनर्गठन के बाद पंचायत समितियों की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है।
- रानीवाड़ा: सबसे अधिक 29 वार्ड।
- जालोर, सायला और भीनमाल: प्रत्येक में 23-23 वार्ड।
- जसवंतपुरा व बागोड़ा: 19-19 वार्ड।
- आहोर और सांचौर: 17-17 वार्ड।
- उम्मेदाबाद, भाद्राजून, सरनाऊ, भादरूणा, सरवाना व चितलवाना: 15-15 वार्ड।
पुनर्गठन ने बदला गणित: 129 नई पंचायतें, 4 नई पंचायत समितियां जिले में पहले 305 पंचायतें थीं, जो परिसीमन और पुनर्गठन के बाद 129 बढ़कर अब 434 हो चुकी हैं। वहीं पंचायत समितियों का कुनबा भी 10 से बढ़कर 14 पहुंच गया है। सरवाना, उम्मेदाबाद, भाद्राजून और भादरूणा के रूप में 4 नई पंचायत समितियां अस्तित्व में आई हैं, जहां पहली बार प्रधान और पं.स. सदस्य चुने जाएंगे।
आज दोपहर तक यह साफ हो जाएगा कि किस सीट पर कौन सा समीकरण बैठेगा, जिसके बाद कल गांव-गांव की चौपालों पर सरपंच पद के भावी चेहरों का नक्शा भी साफ हो जाएगा।







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