मावल चौकी पर नाकाबंदी के दौरान निजी ट्रेवल्स से 10 कार्टन महंगी स्कॉच शराब जब्त, जोधपुर का तस्कर गिरफ्तार
सर्कल न्यूज नेटवर्क
आबूरोड/सिरोही/भिवाड़ी। पड़ोसी राज्य गुजरात में शराबबंदी के चलते राजस्थान सीमा से होने वाली अवैध शराब की तस्करी पर आबूरोड रीको पुलिस ने एक बार फिर करारा प्रहार किया है। निजी ट्रेवल्स की लग्जरी बस के जरिए राजस्थान निर्मित महंगी किस्म की स्कॉच शराब गुजरात ले जाने के मंसूबों पर पुलिस ने पानी फेर दिया। मावल पुलिस चौकी पर सघन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक बस से 10 कार्टन अवैध स्कॉच जब्त कर जोधपुर निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

मावल बॉर्डर पर बिछाया जाल
जिला पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्रसिंह (आई.पी.एस.) के निर्देशन में जिलेभर में अवैध शराब की तस्करी के विरुद्ध विशेष धरपकड़ अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किशोरसिंह चौहान व वृताधिकारी (आबूराज) ब्रजेशकुमार के सुपरविजन में आबूरोड रीको थानाधिकारी लक्ष्मणसिंह चम्पावत की अगुवाई में टीम गठित की गई।
30 जुलाई की रात को मावल पुलिस चौकी पर गुजरात सीमा की ओर जाने वाले वाहनों की कड़ाई से नाकाबंदी की जा रही थी। इसी दौरान आबूरोड की तरफ से आ रही एक निजी ट्रेवल्स की बस (नंबर AR-11-C-4577) को रोककर तलाशी ली गई।

डिक्की खोलते ही उड़े होश, कपड़ों के नीचे छुपा रखे थे स्कॉच के डिब्बे
पुलिस टीम ने जब नियमानुसार बस के लगेज कंपार्टमेंट (डिक्की) की तलाशी ली, तो उसमें संदिग्ध अवस्था में रखे गए कार्टन नजर आए। कार्टनों को खोलकर देखा गया तो उनमें राजस्थान निर्मित विभिन्न ब्रांड्स की महंगी अंग्रेजी स्कॉच शराब भरी हुई थी। गिनती करने पर कुल 10 कार्टन अवैध स्कॉच बरामद हुए। पुलिस ने मौके से ही शराब तस्करी के आरोप में बस में मौजूद तस्कर को गिरफ्तार कर लिया।
जोधपुर का आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
मामले में पुलिस ने आरोपी राजेन्द्र चोयल (31) पुत्र भोलाराम जाति सिरवी, निवासी गांव जेलवा, पुलिस थाना बिलाड़ा (जिला जोधपुर) को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी शराब की इस खेप को गुजरात के ऊंचे दामों वाले खरीदारों तक पहुंचाने की फिराक में था। पुलिस अब आरोपी से यह पता लगाने में जुटी है कि यह शराब राजस्थान में कहां से खरीदी गई थी और गुजरात में किस नेटवर्क को सप्लाई की जानी थी।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
इस सफल कार्रवाई में थानाधिकारी लक्ष्मणसिंह चम्पावत (पु.नि.) के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक भवानीसिंह, कांस्टेबल प्रकाश (नंबर 55), कांस्टेबल नवीतकुमार (नंबर 1067) तथा कांस्टेबल मालदेव (नंबर 10) की सराहनीय भूमिका रही।
राजस्थान-गुजरात बॉर्डर पर पुलिस की मुस्तैदी से तस्करों के हौसले पस्त हैं, लेकिन लग्जरी बसों और गुप्त केबिनों का इस्तेमाल कर तस्करी के नए-नए तरीके ढूंढने का सिलसिला बदस्तूर जारी है।







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